पुस्तक ‘नदी व लोकतंत्र’ का जनसंस्कृति मंच के संयुक्त तत्वाधान से किया गया विमोचन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया और जनसंस्कृति मंचन के संयुक्त तत्वावधान में डा. अचल पुलस्तेय की पुस्तक “नदी और लोकतंत्र” पर परिचर्चा मुख्य वक्ता अशोक चौधरी की उपस्थिति में हुई। पुस्तक पर अपने विचार रखते हुए चौधरी ने कहा कि सत्ता के दलाल कवि नहीं हो सकते। कविता सत्ता का प्रतिपक्ष होती है,अगर कविता मनुष्य की पीड़ा के साथ नहीं खड़ी होती उसे मैं कविता नहीं मानता। अचल पुलस्तेय की यह पुस्तक शोषण के तत्त्वों को उजागर करती है और निराकरण करने का प्रयास करती है। लोकतंत्र और नदी का कवि नदी लोकतंत्र दोनों को बचाने का प्रयास करता है यही पुस्तक की सार्थकता है. मैं इस प्रयास के लिए बधाई देता हूं।
आगे अपनी बात रखते हुए जन संस्कृति मंच देवरिया के उद्भव मिश्र ने कहा कि असफल पीड़ा से कविता जन्म लेती है।पुलस्तेय जी की कविता हमें संघर्ष के लिए प्रेरित करती है। नदी और लोकतंत्र सार्वकालिक कविता है।ये परंपराओं से लड़ते नहीं उसका आपरेशन कर सबके सामने रख देते हैं यही इसकी महत्ता भी है।
परिचर्चा को आगे बढ़ाते हुए पूर्व मंत्री इन्द्र कुमार दीक्षित कहा कि पुलस्तेय जी साहित्य में भी चिकित्सा है . ये कविता के माध्यम से हजारों साल की ऋषि परंपरा की जड़ तक पहुंचते हैं और आज हो रहे तथाकथित विकास की निरर्थकता साबित करते हैं।इनकी एक कविता सौ कविताओं के बराबर है।
सभा के पूर्व उपाध्यक्ष डा. दिवाकर प्रसाद तिवारी ने पुलस्तेय की रचनाओं से परिचय कराते हुए कहा पुलस्तेय अपने दायित्वों से बखूबी परिचित हैं इन्होंने इस पुस्तक की रचना कर समाज का बड़ा हित किया है।
अपने बारे में बात करते हुए कवि और चिकित्सक अचल पुलस्तेय ने कहा कि आयुर्वेद एक ऐसा विषय है जिसके अन्तिम सत्र में दर्शन पढ़ाया जाता है जिसमें सहानुभूति और समानाभूति का भेद बताया जाता है। मरीजों से समानाभूति रखने की प्रवृत्ति ने मुझे मनुष्य,पेड़ जंगल,नदी,पर्वत तालाब सबसे जोड़ दिया और मुझमें कविता अंकुरित होने लगी।
आगे सभा के मंत्री डां अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा साहित्य को सीमित करना उचित है या अनुचित यह विचार का विषय है।आगे त्रिपाठी ने कहा लोकतंत्र और नदी में संकलित कविताएं समसामयिक घटनाओं पर आधारित हैं।मेरी दृष्टि में समसामयिक रचना करना साहस का कार्य है। किसी रचना के विमर्श में गुण दोष दोनों पर विचार होना चाहिए। इस कृति में भी कुछ त्रुटियां रह गयी है जिसे भविष्य के प्रकाशन में सुधार लेने की जरुरत है।
सभा के अध्यक्ष आचार्य परमेश्वर जोशी कहा कि कवि के साथ न्याय तब होता है जब उसकी विचारधारा को सम्मान दिया जाय।अचल पुलस्तेय जी का प्रयास सराहनीय है मैं अपनी और सभा की तरफ से इन्हे बधाई देता हूं।
तत्पश्चात द्वितीय शनिवारीय कवि गोष्ठी प्रारंभ हुई जिसमें पार्वती देवी,लालता प्रसाद, सौदागर सिंह,कौशल मणि, अभिषेक तिवारी, दयाशंकर कुशवाहा, नित्यानंद आनन्द,श्याम बिहारी दुबे,इन्द्र कुमार दीक्षित, रमेश तिवारी,प्रेम कुमार शाह आदि कवियों ने अपनी रचनाएं पढ़ी। इस अवसर पर सभा के अध्यक्ष, मंत्री और शनिवारिय कवि गोष्ठी के संयोजक डा सौरभ श्रीवास्तव द्वारा नित्यानंद आनन्द को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष कवि सरोज कुमार पांडेय ने किया।इस अवसर पर अधिवक्ता ब्रजेश पाण्डेय, सतीश चंन्द्र भास्कर, रवीन्द्र नाथ तिवारी, गोपाल कृष्ण सिंह रामू, दिनेश कुमार त्रिपाठी, शशिकांत, जगदीश उपाध्याय,विजय शंकर यादव, अनिल कुमार त्रिपाठी, ओमप्रकाश, रघुपति त्रिपाठी,परिचय कुमार श्रीवास्तव आदि लोग उपस्थित रहे।

rkpnews@somnath

Recent Posts

जम्मू-कश्मीर के डोडा में SOG और युवक के बीच झड़प, युवक की मौत; तीन जवान घायल, भद्रवाह में इंटरनेट सेवा निलंबित

डोडा/जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा)। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार देर रात स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप…

26 minutes ago

जम्मू-कश्मीर: सांबा के आसमान में 9 सेकेंड तक दिखी रहस्यमयी रोशनी, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

सांबा/जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा)। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में सोमवार रात करीब 9 बजे आसमान…

34 minutes ago

बहराइच: नवाबगंज में सेंध लगाकर लाख रुपये के जेवरात व नकदी चोरी, पीड़िता ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद बहराइच के थाना नवाबगंज क्षेत्र में चोरी की एक और…

42 minutes ago

एनएचआई से वार्ता के बाद कपरवार सेतु पर दोपहिया वाहनों का आवागमन शुरू

कपरवार/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)राप्ती नदी पर स्थित कपरवार सेतु पर सुरक्षा कारणों से वाहनों के आवागमन…

18 hours ago

अनियमित यात्रा की रोकथाम के लिए सघन टिकट अभियान

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति…

18 hours ago

एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह का सख्त संदेश—लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

पहले ही दिन फरियादियों की सुनी समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)सदर…

18 hours ago