8 जनवरी: इतिहास के पन्नों में दर्ज वो दिन जिसने दुनिया की दिशा बदली
1026 – सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण: आस्था पर सबसे बड़ा प्रहार
8 जनवरी 1026 को सुल्तान महमूद ग़ज़नवी ने गुजरात स्थित विश्वविख्यात सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण कर उसे लूट लिया और ध्वस्त कर दिया। यह घटना केवल एक मंदिर के विध्वंस तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और सभ्यतागत विरासत पर गहरा आघात था। सोमनाथ मंदिर उस समय समृद्धि, शिल्प और आस्था का प्रतीक था। इस आक्रमण ने भारतीय इतिहास में विदेशी आक्रमणों के क्रूर अध्याय को उजागर किया, जिसकी स्मृति आज भी सामूहिक चेतना में जीवित है।
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1790 – जॉर्ज वॉशिंगटन का पहला राष्ट्रीय संबोधन
8 जनवरी 1790 को अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन ने पहली बार राष्ट्र को संबोधित किया। यह भाषण आगे चलकर “स्टेट ऑफ द यूनियन एड्रेस” की परंपरा की नींव बना। इस संबोधन में उन्होंने लोकतंत्र, राष्ट्रीय एकता और संविधान की भूमिका पर जोर दिया। यह दिन अमेरिकी लोकतांत्रिक मूल्यों के सुदृढ़ीकरण का ऐतिहासिक क्षण माना जाता है।
1800 – ऑस्ट्रिया की फ्रांस पर दूसरी जीत
8 जनवरी 1800 को ऑस्ट्रिया ने फ्रांस को दूसरी बार सैन्य पराजय दी। यह संघर्ष नेपोलियन युग के दौरान यूरोप में सत्ता संतुलन की लड़ाई का हिस्सा था। इस जीत ने यूरोपीय राजनीति को प्रभावित किया और यह सिद्ध किया कि उस समय फ्रांस की सैन्य शक्ति को चुनौती देना संभव था। यह घटना महाद्वीपीय राजनीति में निर्णायक मोड़ मानी जाती है।
1929 – नीदरलैंड्स और वेस्टइंडीज के बीच पहला टेलीफोन संपर्क
8 जनवरी 1929 को नीदरलैंड्स और वेस्टइंडीज के बीच पहला टेलीफोन संपर्क स्थापित हुआ। यह घटना वैश्विक संचार इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम थी। दूर-दराज़ क्षेत्रों के बीच त्वरित संवाद ने व्यापार, प्रशासन और सामाजिक रिश्तों को नई गति दी। आधुनिक वैश्विक संचार व्यवस्था की नींव ऐसे ही तकनीकी प्रयोगों से पड़ी।
1952 – जॉर्डन ने अपनाया संविधान
8 जनवरी 1952 को जॉर्डन ने अपना संविधान अंगीकार किया। इस संविधान ने देश में संवैधानिक राजशाही, नागरिक अधिकारों और शासन व्यवस्था की स्पष्ट रूपरेखा तय की। यह कदम मध्य-पूर्व में राजनीतिक स्थिरता और आधुनिक राष्ट्र-निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है। आज भी जॉर्डन की शासन प्रणाली इसी संविधान पर आधारित है।
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1995 – मधु लिमये का निधन: समाजवादी विचारधारा का स्तंभ ढहा
8 जनवरी 1995 को समाजवादी चिंतक, स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर सांसद मधु लिमये का निधन हुआ। वे राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण के निकट सहयोगी रहे। संसदीय शुचिता, वैचारिक प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए उनका योगदान भारतीय राजनीति में अमिट छाप छोड़ता है।
1996 – फ्रांस्वा मितरां का देहांत
8 जनवरी 1996 को फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा मितरां का पेरिस में निधन हुआ। वे फ्रांस के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रपति रहे। उनके कार्यकाल में यूरोपीय एकता, सामाजिक सुधार और फ्रांस की वैश्विक भूमिका को नई दिशा मिली। वे आधुनिक फ्रांसीसी राजनीति के प्रमुख शिल्पकार माने जाते हैं।
2001 – भारत-वियतनाम संबंधों को नई मजबूती
8 जनवरी 2001 को प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी वियतनाम पहुँचे, जहां भारत और वियतनाम के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इसी दिन घाना में दो दशक पुराना शासन समाप्त हुआ और जॉन कुफारे राष्ट्रपति बने। वैश्विक राजनीति में यह दिन कूटनीतिक बदलावों का साक्षी बना।
2003 – श्रीलंका सरकार और लिट्टे के बीच वार्ता
8 जनवरी 2003 को थाईलैंड के नकोर्न पथोम में श्रीलंका सरकार और लिट्टे के बीच शांति वार्ता शुरू हुई। यह प्रयास वर्षों से चले आ रहे गृहयुद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। हालांकि शांति स्थायी नहीं रही, लेकिन यह संवाद इतिहास में उम्मीद की किरण बनकर दर्ज हुआ।
2008 – प्रवासी भारतीय दिवस और प्रशासनिक नियुक्तियाँ
8 जनवरी 2008 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 6वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन किया। इसी दिन अरुण रामनाथन को वित्तीय क्षेत्र का सचिव नियुक्त किया गया। यह वर्ष भारत की आर्थिक कूटनीति और प्रवासी भारतीयों से संबंध मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण रहा।
2009 – भैरोसिंह शेखावत की चुनावी घोषणा
8 जनवरी 2009 को पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत ने लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की। यह फैसला भारतीय राजनीति में चर्चाओं का विषय बना। एक संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति का सक्रिय राजनीति में लौटना लोकतंत्र की जीवंतता को दर्शाता है।
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2017 – यरुशलम में आतंकी हमला
8 जनवरी 2017 को इज़रायल के यरुशलम में ट्रक से किए गए हमले में चार सैनिकों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर ने दुनिया को झकझोर दिया। यह घटना वैश्विक आतंकवाद की चुनौती और मध्य-पूर्व की अस्थिर सुरक्षा स्थिति को उजागर करती है।
2020 – भारत-मंगोलिया अंतरिक्ष सहयोग और डिजिटल क्रांति
8 जनवरी 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और मंगोलिया के बीच बाहरी अंतरिक्ष सहयोग समझौते को मंजूरी दी। इसी दिन भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने ई-कॉमर्स बाजार अध्ययन रिपोर्ट जारी की और रिलायंस जियो ने वाई-फाई कॉलिंग सेवा लॉन्च की। यह दिन भारत की तकनीकी और डिजिटल प्रगति का प्रतीक बना।
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