समाज

समानता और न्याय से ही संभव मानव सभ्यता का विकास

शून्य भेदभाव पर व्याख्यान बिछुआ/मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में प्राचार्य डॉ. आर. पी. यादव के संरक्षण…

3 weeks ago

नारी: सृजन, शक्ति और सभ्यता की आधारशिला

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष- नवनीत मिश्र नारी शक्ति है, सम्मान है।नारी गौरव है, अभिमान है।नारी जननी है, संस्कृति के…

3 weeks ago

अहंकार: व्यक्ति और समाज के पतन का कारण

मनुष्य के जीवन में अहंकार एक ऐसा सूक्ष्म विष है जो धीरे-धीरे उसकी विवेकशीलता, संवेदनशीलता और संतुलन को नष्ट कर…

3 weeks ago

मानवता आज भी जिंदा है, बस उसे सुनने और समझने वाला चाहिए

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। तेज रफ्तार, तकनीक और दिखावे से भरे इस दौर में अक्सर कहा जाता है कि मानवता…

2 months ago

सुविधाओं की चकाचौंध में घिरता समाज, बढ़ती असुरक्षा बनी गंभीर चुनौती

कैलाश सिंहमहराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।आज का समाज सुविधाओं के मामले में अपने इतिहास के सबसे उन्नत दौर में खड़ा है।…

3 months ago