आत्मचिंतन

निंदा छोड़ें, आत्मचिंतन अपनाएं: यही है श्रेष्ठता का मार्ग

गोंदिया, महाराष्ट्र।“न विना परवादेन रमते दुर्जनोजन:। काक: सर्वरसान भुक्ते विनामध्यम न तृप्यति।।“अर्थात् दुष्ट व्यक्ति बिना निंदा किए आनंद नहीं पाते,…

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संघर्ष, करुणा और कर्म: जीवन को समझने का समग्र दृष्टिकोण

कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जीवन केवल जन्म और मृत्यु के बीच की एक सीमित यात्रा नहीं है, बल्कि यह…

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एक वर्ष जीवन कम हुआ आज

✍️ डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ आज मुझे नव स्फूर्ति मिल रही है,नव जन्म वर्ष में प्रवेश कर रहा हूँ,उम्र…

4 months ago