जजों के लिए परफॉर्मेंस इवैल्यूएशन सिस्टम की ज़रूरत: जस्टिस सूर्यकांत
नई दिल्ली, (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में लंबित मामलों और फैसले में होने वाली देरी पर गंभीर चिंता जताई है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि अब समय आ गया है जब हाईकोर्ट के जजों के कामकाज का आकलन करने के लिए परफॉर्मेंस इवैल्यूएशन सिस्टम लागू किया जाए।
यह टिप्पणी झारखंड हाईकोर्ट के एक मामले की सुनवाई के दौरान की गई, जिसमें तीन साल तक आपराधिक अपील का फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद सुनाया गया। बेंच ने कहा, “हम स्कूल प्रिंसिपल की तरह जजों पर निगरानी नहीं रखना चाहते, लेकिन एक ऐसी स्व-प्रबंधन प्रणाली बननी चाहिए जिससे यह सुनिश्चित हो कि उनकी मेज पर फाइलों का ढेर न लगे।”
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जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि हर न्यायाधीश को एक ही तराजू में नहीं तोला जा सकता। कुछ जज दिन-रात मेहनत कर मामलों का शानदार निस्तारण कर रहे हैं, वहीं कुछ दुर्भाग्यवश अपना काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को सुधारने के लिए ठोस पैरामीटर और गाइडलाइन तय करना जरूरी है।
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