कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा)
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आमजन की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कुशीनगर जिला प्रशासन ने एक सख्त और दूरगामी निर्णय लिया है। अब जनपद में दोपहिया वाहन चालकों को हेल्मेट के बिना पेट्रोल नहीं मिलेगा। प्रशासन द्वारा जिले में “No Helmet No Fuel अभियान कुशीनगर” को लागू किया जा रहा है, जिसे सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह विशेष अभियान उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव द्वारा जारी पत्र संख्या-3032, दिनांक 31 दिसंबर 2025 के निर्देशों के क्रम में संचालित किया जा रहा है। शासन के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी कुशीनगर महेंद्र सिंह तंवर ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने का आदेश दिया है।
पेट्रोल पंपों पर सख्ती, हेल्मेट के बिना नहीं मिलेगा ईंधन
No Helmet No Fuel अभियान कुशीनगर के तहत जनपद के सभी पेट्रोल पंपों पर यह व्यवस्था लागू की जाएगी कि कोई भी दोपहिया वाहन चालक यदि हेल्मेट नहीं पहने होगा तो उसे पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। इस निर्णय को लागू करने के लिए पेट्रोलियम डीलरों का सहयोग लिया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने पेट्रोल पंप मालिकों और प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने पंप परिसरों में इस अभियान से संबंधित बड़े और स्पष्ट बैनर, पोस्टर तथा सूचना बोर्ड लगाएं, ताकि ग्राहकों को पहले से ही नियम की जानकारी हो। इसके साथ ही पेट्रोल पंप कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे ईंधन भरवाने आने वाले वाहन चालकों को हेल्मेट पहनने के लिए प्रेरित करें।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर सघन कार्रवाई
इस अभियान के दौरान केवल हेल्मेट ही नहीं, बल्कि अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से ओवरस्पीडिंग, लेन उल्लंघन, गलत दिशा में वाहन चलाना, मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए वाहन चलाना, शराब के नशे में ड्राइविंग, सीट बेल्ट और हेल्मेट न पहनने जैसे मामलों में नियमित जांच अभियान चलाएंगे।
प्रशासन का मानना है कि No Helmet No Fuel अभियान कुशीनगर केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों की सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत हेल्मेट पहनना अनिवार्य
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129 के अनुसार, मोटरसाइकिल, स्कूटर अथवा मोपेड चलाने या उस पर सवारी करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए मानक हेल्मेट पहनना अनिवार्य है। यह नियम केवल चालक ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले सवार पर भी लागू होता है। इसके अलावा यह प्रावधान 4 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों पर भी प्रभावी है।
अधिनियम की धारा 194D के तहत हेल्मेट न पहनने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति द्वारा भी सभी राज्यों को हेल्मेट अनुपालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं कानूनी प्रावधानों और न्यायालयीय निर्देशों के आधार पर No Helmet No Fuel अभियान कुशीनगर को लागू किया जा रहा है।
पुलिस और परिवहन विभाग का समन्वय
अभियान को सफल बनाने के लिए परिवहन विभाग और पुलिस विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे। पेट्रोल पंपों पर किसी भी प्रकार की असुविधा, विवाद या अवरोध की स्थिति में संबंधित थाना पुलिस तत्काल सहायता प्रदान करेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि अभियान का उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सके।
दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में प्रयास
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतें और गंभीर चोटें हेल्मेट न पहनने के कारण होती हैं। ऐसे में यह अभियान लोगों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है।
No Helmet No Fuel अभियान कुशीनगर के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि हेल्मेट कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी साधन है।
जनहित में प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और हेल्मेट तथा सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करें। सुरक्षित ड्राइविंग को अपनी आदत बनाएं और दूसरों के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत करें।
प्रशासन का मानना है कि जनसहयोग से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। यदि प्रत्येक नागरिक नियमों का पालन करे, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
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