युवाओं के प्रेरणा स्रोत: युग पुरुष स्वामी विवेकानंद

  • जयंती पर विशेष ✍️नवनीत मिश्र
    युग पुरुष स्वामी विवेकानंद जी का जन्म जिस समय हुआ, उस समय भारत की सामाजिक, राजनैतिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियां विषमताओं व उथल-पुथल से भरी थी। सन 1857 की क्रांति असफल हो चुकी थी और हिंदू एवं मुसलमान दोनों अंग्रेजों के आगे घुटने टेक चुके थे। अंग्रेजों ने संपूर्ण भारत पर अपना कब्जा जमा लिया था। कोलकाता महानगर के उत्तरी भाग में सिमुलिया नामक मोहल्ले में गौरमोहन मुखर्जी स्ट्रीट में दत्त परिवार के यहां 12 जनवरी 1863 को मकर संक्रांति के पुण्य पर्व पर प्रसिद्ध वकील श्री विश्वनाथ दत्त की पत्नी श्रीमती भुवनेश्वरी देवी ने जिस बच्चे को जन्म दिया। वह आगे चलकर विश्व प्रसिद्ध स्वामी विवेकानंद हुआ।
    इस बच्चे का नाम घर वालों ने नरेंद्र दत्त रखा। स्वामी विवेकानंद ने 18 वर्ष की आयु में श्री श्री रामकृष्ण परमहंस से प्रभावित होकर ब्रह्म समाज को छोड़कर उनके शिष्य बन गए थे। स्वामी जी ने उनमें परमात्मा की लगन देखी थी।
    वेदांत दर्शन के प्रणेता स्वामी विवेकानंद एक महान समाज सुधारक थे। जिन्होंने अपनी तेजस्वी वाणी से पूरी दुनिया में भारतीय सभ्यता व संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया। सन 1891 में अमेरिका के शिकागो शहर में आयोजित किए गए विश्व धर्म सम्मेलन में उन्होंने दुनिया के समक्ष भारतीय सभ्यता व संस्कृति को लेकर अपने विचार प्रकट किए। स्वामी विवेकानंद ने इस सभा में सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने भाषण की शुरुआत “मेरे अमेरिकी भाइयो और बहनो” जैसे संबोधन के साथ की। जैसे ही स्वामी जी ने यह वाक्य बोला, पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजने लगा और उनके शब्द वहां उपस्थित हर व्यक्ति के दिल को झंकृत कर गया। दरअसल, पश्चिम में परिवार और कुंटुंब जैसा परिवेश नहीं है।
    मात्र 39 साल की अल्पायु में 4 जुलाई 1902 को दुनिया से विदा होने वाले युवा सन्यासी आज भी हमारी प्रेरणा हैं। उनके जन्मदिवस 12 जनवरी को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इतनी कम आयु में स्वामी जी विदेशों में देश का प्रतिनिधित्व करने के साथ ही शिक्षा और धर्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया। उन्होंने श्री रामकृष्ण मिशन की स्थापना और समाज में व्याप्त कुरीतियों का विरोध प्रमुखता से किया।
    आज आवश्यकता है हमें स्वामी विवेकानंद के बताए मार्ग पर चलकर देशहित में कार्य करने की और उनकी शिक्षाओं का अनुसरण कर समाज में भाईचारा कायम करने के लिए आगे आने की।
rkpNavneet Mishra

Recent Posts

सोनार समाज की बैठक में बड़ा फैसला, राजू, आलोक और ओमप्रकाश बने नगर अध्यक्ष

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिला सोनार समाज की आवश्यक बैठक पेड़ा गली, मालवीय रोड स्थित…

5 hours ago

जनसेवा से बनाई अलग पहचान, रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन से शोक की लहर

बसपा के कद्दावर नेता और रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, पूर्वांचल की राजनीति में…

2 days ago

आईटीआई प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 7 अगस्त तक बढ़ी

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) मेहदावल के प्रधानाचार्य उदय नारायण ने…

2 days ago

दीक्षारम्भ के साथ प्रभा देवी पीजी कॉलेज में नए सत्र की पढ़ाई शुरू

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। स्थानीय प्रभा देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार से नए…

2 days ago

कमिश्नरी परिसर में वृद्ध की संदिग्ध मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शहर के कैंट थाना क्षेत्र स्थित कमिश्नरी परिसर में मंगलवार शाम…

3 days ago

ट्रेनों में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार

देवरिया: रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी का मोबाइल…

4 days ago