ढाका/नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने देश की मौजूदा अंतरिम सरकार और प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला है। एएनआई को दिए एक विस्तृत ईमेल इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा कि यूनुस सरकार बांग्लादेश को अराजकता, कट्टरपंथ और अस्थिरता की ओर धकेल रही है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT), आगामी चुनाव, भारत-बांग्लादेश संबंध, बढ़ती हिंसा और कट्टरपंथ पर खुलकर अपनी बात रखी।
ICT का फैसला राजनीतिक बदले की कार्रवाई: शेख हसीना
शेख हसीना ने ICT के फैसले को न्याय के बजाय राजनीतिक दुश्मनी करार दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें न तो अपना बचाव करने का पूरा मौका मिला और न ही पसंद का वकील।हसीना ने भरोसा जताया कि जब बांग्लादेश में वैध सरकार और स्वतंत्र न्यायपालिका बहाल होगी, तब सच्चाई सामने आएगी।
उस्मान हादी की हत्या से उजागर हुई कानून-व्यवस्था की नाकामी
इंकलाब मंच के प्रवक्ता उस्मान हादी की हत्या पर शेख हसीना ने कहा कि यह घटना यूनुस शासन में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का प्रतीक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा अब सामान्य हो गई है और अंतरिम सरकार या तो इनकार कर रही है या हालात काबू करने में विफल है।
हसीना ने चेतावनी दी कि इससे न केवल बांग्लादेश, बल्कि भारत समेत पूरे क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित हो रही है।
‘अवामी लीग के बिना चुनाव लोकतंत्र नहीं’
आगामी चुनावों को लेकर शेख हसीना ने स्पष्ट कहा कि अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाकर कराया गया चुनाव लोकतांत्रिक नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को जनता नौ बार चुन चुकी हो, उसे बाहर कर देना लाखों लोगों को वोटिंग अधिकार से वंचित करना है।
प्रत्यर्पण मांग पर यूनुस सरकार को घेरा
प्रत्यर्पण की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए शेख हसीना ने कहा कि ये एक हताश और भटकी हुई सरकार की बयानबाजी है।
उन्होंने भारत के प्रति आभार जताया और कहा कि भारत ने उन्हें सम्मान और सुरक्षा दी है।
ये भी पढ़ें – शासन में 2158 पदों पर भर्ती के लिए आज से ऑनलाइन आवेदन शुरू, यूपीपीएससी ने जारी किए दिशा-निर्देश
बांग्लादेश छोड़ने की वजह बताई
देश छोड़ने के फैसले पर शेख हसीना ने कहा कि उन्होंने खून-खराबा रोकने के लिए बांग्लादेश छोड़ा, न कि न्याय से बचने के लिए।
उन्होंने चुनौती दी कि अगर निष्पक्ष अदालत में मामला चला तो वे बेदाग साबित होंगी।
भारत-बांग्लादेश तनाव के लिए यूनुस जिम्मेदार
शेख हसीना ने भारत-बांग्लादेश के बीच बढ़ते तनाव के लिए सीधे तौर पर यूनुस सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि भारत दशकों से बांग्लादेश का सबसे भरोसेमंद दोस्त रहा है और मौजूदा हालात अस्थायी हैं।
कट्टरपंथ और सुरक्षा पर गंभीर चेतावनी
पूर्व प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि यूनुस सरकार के दौरान कट्टरपंथी तत्वों को सत्ता और संरक्षण मिला, आतंकियों को जेल से छोड़ा गया और देश की धर्मनिरपेक्ष पहचान खतरे में है।
उन्होंने इसे भारत और पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।
ये भी पढ़ें – सीएम योगी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक, अनुपूरक बजट समेत कई अहम प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
‘चिकन नेक’ बयान पर सख्त प्रतिक्रिया
भारत के नॉर्थ-ईस्ट और “चिकन नेक” को लेकर दिए गए बयानों को शेख हसीना ने खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसे बयान बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हैं और दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान पहुंचाते हैं।
आगरा को जुलाई 2026 में मिलेगी सिविल एयरपोर्ट की सौगात, डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने…
6 फ़रवरी को हुए महत्वपूर्ण निधन: इतिहास के अमर अध्यायइतिहास केवल तारीख़ों का क्रम नहीं…
📖 महत्वपूर्ण इतिहास: 6 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्ति6 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति भारतीय और…
6 फरवरी का इतिहास (6 February Important Events in History) विश्व और भारत के लिए…
डिजिटल युग में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2026 के ऐतिहासिक…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। सरयू नदी में लापता मछुआरे धरमु प्रसाद की तलाश के…