सलेमपुर में ग्राम पंचायत अधिकारी पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप, दो अलग-अलग शिकायतें प्रशासन तक पहुंचीं

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।

विकास खंड सलेमपुर क्षेत्र में पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम कस्बा सलेमपुर और ग्राम जमुआ नम्बर–02 से जुड़ी दो अलग-अलग शिकायतों ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। दोनों ही मामलों में जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र समेत अन्य सरकारी कार्यों के लिए अवैध धनराशि मांगने के आरोप लगाए गए हैं।
ग्राम कस्बा सलेमपुर के समाजसेवक मो. शादिक अली ने ग्राम सचिव त्रिलोकी नाथ शाह पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए खंड विकास अधिकारी सलेमपुर को शपथ पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता के अनुसार ग्राम सचिव द्वारा जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र एवं अन्य कार्यों के निस्तारण के लिए 10 हजार से 18 हजार रुपये तक की मांग की गई। उन्होंने दावा किया है कि रिश्वत मांगने से संबंधित साक्ष्य उनके मोबाइल फोन में सुरक्षित हैं, जिन्हें जांच के दौरान प्रस्तुत किया जा सकता है। मो. शादिक अली ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा जांच अवधि में ग्राम सचिव के निलंबन की मांग की है।
वहीं दूसरी ओर विकास खंड सलेमपुर के ग्राम जमुआ नम्बर–02 के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत अधिकारी आदित्य राज कीर्ति पर अवैधानिक धनउगाही और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने दिनांक 22 दिसंबर 2025 को नायब तहसीलदार सलेमपुर गोपाल जी को शिकायत पत्र सौंपा। शिकायत में आरोप है कि जन्म प्रमाण पत्र के लिए तीन हजार रुपये, मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए दो हजार रुपये, परिवार रजिस्टर की नकल के लिए पांच सौ रुपये और परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने के लिए प्रति नाम सौ रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। इसके अलावा सरकारी आवास दिलाने के नाम पर पांच हजार रुपये मांगने का भी आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जो लोग पैसे नहीं देते, उनके प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट जानबूझकर दो से तीन महीने तक लंबित रखी जाती है। साथ ही झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती है और यह कहा जाता है कि वसूली गई रकम ऊपर तक अधिकारियों को देनी पड़ती है। इन आरोपों से गांव में आक्रोश का माहौल है और पंचायत व्यवस्था की छवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायत पत्र पर ऊषा देवी, इरसाद, शहजाद, निजामुद्दीन, आरिफ, राजेश, अला गंगान, तारिक अहमद और रामधन सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।
दोनों ही मामलों के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और जांच के बाद दोषियों पर कितनी सख्ती बरती जाती है।

rkpnews@desk

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