बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति के सचिव ने मृतक के भूमि को बनाया बंधक

सदर ब्लाक के बागापार टोला पिपरा निवासी धर्मेंद्र पासवान का मामला

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के सदर ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत बागापार स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सरकारी समिति लिमिटेड के अंतर्गत किसानों को सुविधा मुहैया कराने तथा कृषि लोन संबंधी व्यवस्था के लिए सरकार ने सचिव सहित जिले की आला अधिकारियों को नामित कर उचित लाभ देने का प्रबंध किया है जिसका फायदा उठाकर ग्राम पंचायत में स्थित साधन सहकारी समिति बागापार के सचिव द्वारा ग्राम पंचायत पिपरा टोला निवासी धर्मेंद्र पासवान को किसान क्रेडिट कार्ड केसीसी ऋण उपलब्ध कराई गई थी। लाभार्थी के भूमि को बंधक न बनाकर उसके पिता मृतक साधु शरण पासवान पुत्र बिहारी के भूमि को बंधक बनाया गया जबकि किसी मुखिया की मृत्यु होने पर भूमि पत्नी सहित समस्त बेटों के नाम दर्ज हो जाता है। इस जानकारी के बावजूद साधन सहकारी समिति के सचिव द्वारा जान-बूझकर गड़बड़ झाला करने हेतु मृतक के नाम से भूमि को बंधक बनाया जाता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सदर ब्लाक के ग्राम सभा बागापार टोला पिपरा निवासी साधु शरण पासवान पुत्र बिहारी की मृत्यु 6 जून 2023 को हो गया था। इसके बाद राजस्व विभाग द्वारा भूलेख में खतौनी के तौर पर गाटा संख्या 3211 व खाता संख्या 0226 के तहत 31 जुलाई 2023 को मीना देवी पत्नी सहित पुत्र धर्मेंद्र रविंद्र, वीरेंद्र, वासुदेव व हरेंद्र के नाम से भूमि अंकित किया गया इसी बीच साधु शरण पासवान के बड़े बेटे धर्मेंद्र पासवान को 15 जनवरी 2024 में सहकारिता विभाग द्वारा गोरखपुर डिस्टिक कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा केसीसी किसान क्रेडिट कार्ड जारी करते हुए 27 हजार का ऋण दिया जाता है। आपसी ताल-मेल और दिमाग की खेल द्वारा मृतक के नाम से भूमि को बंधक बनाया जाता है जबकि मृतक के नाम से एक भी भूमि आवंटित नहीं है। मृत्यु होने पर समस्त हिस्सेदारों का नाम अंकित है। सचिव द्वारा कथित रूप से मृतक के नाम से भूमि को बंधक बनाकर सरकार और बैंक को आंख मिचौली का खेल खेलने तथा कागजी कारनामों से लीपा-पोती का खेल खेलने की तैयारी चल रही थी इसी बीच मृतक के पुत्र वीरेंद्र पासवान को जानकारी मिली तो वह हैरान हो गया। वीरेंद्र पासवान ने कहा कि जब मेरे पिता की मृत्यु हो गयी है और मृत्यु के बाद माता सहित समस्त भाईयों के नाम से भूमि अंकित हो गया तो मेरे बड़े भाई ने लोन लिया है तो उनके नाम अर्जित भूमि के जगह मेरे पिता का नाम अंकित क्यों किया गया। जिसकी शिकायत जिला अधिकारी को अवगत कराकर जांच करने की मांग करुंगा। इस संबंध में बागापार साधन सहकारी समिति के सचिव चंद्रभान पांडेय ने बताया कि भूल बस ऐसा हो गया है सुधार के लिए हमने विभाग को अवगत करा दिया है। ए आर कोऑपरेटिव सुनील कुमार गुप्ता के फोन पर संपर्क किया गया लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।

Karan Pandey

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