पीलीभीत में वोटर लिस्ट का बड़ा खेल! 10,470 प्रविष्टियों में मिली गड़बड़ी, दो ERO पर कानूनी कार्रवाई के आदेश
लखनऊ ( ✍️ राष्ट्र की परम्परा ), उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची से जुड़ी बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद निर्वाचन विभाग में हड़कंप मच गया है। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 127-पीलीभीत में मतदाताओं के EPIC नंबर पर दूसरे मतदाता का विवरण प्रदर्शित होने की शिकायत की जांच में 10,470 फॉर्म-8 प्रविष्टियों में गड़बड़ी पाई गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश ने वर्तमान और पूर्व निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के साथ विभागीय कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, संबंधित मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक (VRC ऑपरेटर) की सेवा समाप्त करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। 13,779 फॉर्म-8 की प्रविष्टियां, लेकिन रिकॉर्ड गायब जिला निर्वाचन अधिकारी, पीलीभीत की विस्तृत जांच रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मई 2026 से 29 अगस्त 2026 के बीच मतदाताओं के विवरण में संशोधन के लिए कुल 13,779 फॉर्म-8 की प्रविष्टियां की गईं। इनमें 16 जुलाई तक 4,717 और 17 जुलाई से 29 अगस्त के बीच 9,062 प्रविष्टियां दर्ज की गई थीं। जांच में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि इन प्रविष्टियों से संबंधित कोई भी फॉर्म या अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध नहीं मिला। कुल 13,779 प्रविष्टियों में से 10,470 फॉर्म स्वीकृत किए गए, जबकि 3,309 फॉर्म अस्वीकृत हुए। जांच रिपोर्ट में 10,470 स्वीकृत प्रविष्टियों में गड़बड़ी पाई गई है। वर्तमान और पूर्व ERO पर भी कार्रवाई निर्वाचन विभाग ने मामले में संबंधित कंप्यूटर सहायक और दोनों कार्यकालों में तैनात निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दोनों ERO के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी शुरू की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मामले में उनकी जिम्मेदारी से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। फॉर्म-6 और फॉर्म-7 की भी होगी जांच मामला केवल मतदाता विवरण में संशोधन तक सीमित नहीं रखा गया है। निर्वाचन विभाग ने 10 अप्रैल 2026 को विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण समाप्त होने से लेकर 21 अक्टूबर 2026 तक संबंधित कंप्यूटर सहायक द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए दर्ज सभी फॉर्म-6 और नाम हटाने के लिए दर्ज सभी फॉर्म-7 की भी गहन जांच कराने का आदेश दिया है। जिला निर्वाचन अधिकारी, पीलीभीत को इस जांच की विस्तृत रिपोर्ट एक दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में भी कहीं अनियमितता तो नहीं हुई। गड़बड़ प्रविष्टियों को सुधारने की प्रक्रिया शुरू निर्वाचन विभाग के मुताबिक, फॉर्म-8 से संबंधित जिन प्रविष्टियों में गड़बड़ी पाई गई है, उन्हें निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप दुरुस्त करने की कार्रवाई भी चल रही है। मतदाता सूची चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में पहचान संख्या पर किसी दूसरे मतदाता का विवरण दिखाई देना और संशोधन संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध न होना गंभीर सवाल खड़े करता है। अब आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि गड़बड़ी किन परिस्थितियों में हुई और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी किस स्तर तक तय होती है।
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