बिजली विभाग में संविदा कर्मियों का सत्याग्रह, भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता

देवरिया में संविदा बिजली कर्मचारियों का सत्याग्रह, निगम में शामिल करने की जोरदार मांग


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। विद्युत विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को जोरदार आवाज उठाई। विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर विद्युत वितरण मंडल देवरिया परिसर में सैकड़ों कर्मचारियों ने एक दिवसीय सत्याग्रह किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और विभागीय प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए नवगठित संविदा निगम में शामिल किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
सत्याग्रह में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बनाए जा रहे नए संविदा निगम में बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों को शामिल न करना उनके साथ अन्याय है। संगठन के जोन प्रभारी बिपिन विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है, जिससे हजारों कर्मचारियों का भविष्य संकट में पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते सरकार ने इस पर निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि विद्युत विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नवगठित निगम में शामिल किया जाए। उनका कहना था कि इससे कर्मचारियों को स्थायित्व, बेहतर वेतनमान, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सकेगा।

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पूर्वांचल महामंत्री राजेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि विभाग के कुछ अधिकारी संविदा कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बनाकर उनका शोषण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते कई कर्मचारी हादसों का शिकार हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित किया जाए।
जिला अध्यक्ष आनंद सिंह ने कहा कि संविदा कर्मचारी वर्षों से विभाग की रीढ़ बनकर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक न तो स्थायी दर्जा मिला और न ही पर्याप्त सुविधाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि कर्मचारियों की मेहनत और योगदान को देखते हुए उनके हित में सकारात्मक निर्णय ले।
कार्यक्रम में अजय यादव, धनंजय पांडे, रवि प्रकाश यादव, सुधीर पटेल, सुनील सिंह, मिराज शेख, प्रभुनाथ सिंह, विकास, गुलाबचंद गौड़, बासुकीनाथ राय, जयराम यादव, वीरबहादुर और हरदेव सहित बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
इस सत्याग्रह ने एक बार फिर संविदा कर्मचारियों की समस्याओं को सामने ला दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार और विभागीय अधिकारी इस पर क्या कदम उठाते हैं और कर्मचारियों को राहत मिलती है या नहीं।

Editor CP pandey

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