बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) स्थानीय बाबा राघव दास भगवानदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आश्रम बरहज में राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। स्वागत गीत और सरस्वती वंदना सौम्या सिंह ने किया।
इस दौरान प्राचार्य प्रो.शम्भु नाथ तिवारी ने कहा कि स्वतन्त्रता संग्राम से लेकर मजबूत और एकीकृत भारत के निर्माण तक में सरदार वल्लभ भाई पटेल का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व सदैव प्रेरणा के रूप में देश के सामने रहेगा। उन्होंने युवावस्था में ही राष्ट्र और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित करने का निर्णय लिया था। इस ध्येय पथ पर वह निःस्वार्थ भाव से लगे रहे। पटेल जी के संकल्प और समर्पण ने 565 रियासतों को भारत में मिलाकर भारत को मज़बूत करने का प्रयास किया। मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व प्राचार्य प्रो.अजय कुमार मिश्र ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। आज भी उनके किए गए कार्य प्रासंगिक हैं। साथ ही देश की पहली महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी धी की पुण्य तिथि भी मनायी गई। कार्यक्रम को डॉ. अब्दुल हसीब ने भी संबोधित किया। संचालन डॉ.विनीत कुमार पांडेय ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रवीन्द्र मिश्र, मनीष श्रीवास्तव, विनय मिश्रा,कमलेश शुक्ला, प्रदीप शुक्ला, शुभम् सिंह, अंशिका, आदर्श शर्मा, प्रदीप, रंजन आदि मौजूद रहे।
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