बरहज/ देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
उन्नीसवीं सदी मे जन्म लेकर जिन महापुरुषों ने भारत का नाम रोशन किया, उनमे सन्तराम बीए का महत्वपूर्ण स्थान है। सन्तराम बीए सामाजिक परिवर्तन के पक्षधर थे,और इन्होॅने जीवन पर्यन्त समतावादी समाज की स्थापना के लिए संघर्ष किया ।
उक्त विचार स्थानीय नगर के राजनगर मे आयोजित, सामाजिक समरसता-सहयोग मॅच की एक बैठक मे समाजसेवी एवॅ समाजवादी चिंतक रामविलास प्रजापति ने ब्यक्त की। मॅच के संचालक मंडल के बरिष्ठ सदस्य कटेश्वर प्रसाद राजभर ने कहा कि, सन्तराम बीए ने तत्कालीन वर्ण, जाति, व्यवस्था मे व्याप्त भेदभाव से दुखी होकर , जाति तोडक मण्डल की स्थापना किया और डाक्टर भीमराव अम्बेडकर की तरह मुखर होकर, इस दुर्व्यवस्था और भेदभाव को समाप्त करने के लिए संघर्ष किया ।प्रखरवक्ता जितेंद्र भारत ने कहा कि उनके अधूरे कार्यो को पूरा करना और उनके बताये मार्ग पर चलना ही, उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर अनिरुद्ध खरवार, विजयकुमार निषाद, मोहन निषाद, अमर जीत निषाद, सीताराम प्रजापति,रामरूदल प्रजापति,नन्दलाल निषाद,चिन्तामणि साहनी, मनोजकुमार प्रजापति,विजयकुमार विश्वकर्मा,गजानन्द विश्वकर्मा,संजय प्रजापति ,विरेन्द्र कुशवाहा,डाक्टर अमित कुमार शर्मा आदि उपस्थित रहे ।
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