परिवर्तन विभाग के संरक्षण में संचालित हो रही हैं बसें
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। आये दिन हो रहे बस हादसे के बाद भी प्रशासन नही चेत रहा है। जिले में नियमों को ताक पर रख कर निजी बसों का संचालन हो रहा है, और जिम्मेदार मौन हैं। नियम कानून को ताक पर रखकर निजी बसों में तय मानक से कई गुना ज्यादा सवारियां बैठाकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ये बसें फर्राटे भरते हुये, लोगों के निगाह में तो दिख रहे हैं, लेकिन प्रशासन एक दम अंधा बना हुआ है। नानपारा रोड प्राइवेट बस यूनियन की चलने वाली निजी बसों के स्टाफ सीट छमता से दो गुने सवारियां गैलरी में भेंड़ बकरियों की तरह ठूंस-ठूंस कर भरी जाती हैं। वहीं इन बस संचालकों के गुर्गे सवारियों के साथ अभद्रता भी की जाती है। किराया को लेकर इनके द्वारा किसी भी उपभोक्ता/सवारियों को कोई भी रशीद या पर्ची नही दी जाती है। एक ही बस में 100 से 120 लोगों को जबरन बैठा देते हैं, जो मानक के बिल्कुल विपरीत है। परमिट के अनुसार ही सवारी बस में बैठाने का नियम है। बस की गैलरी से लेकर सीटों पर भी क्षमता से अधिक सवारियां बैठा रहे हैं। जिसमें परिवर्तन विभाग की मिलीभगत से यह बसें संचालित हो रही हैं। वहीं इस संबंध में दैनिक यात्री सुरेश कुमार श्रीवास्तव, मनोज कांत पाठक, राकेश सिंह समाजसेवी अशोक कुमार पाठक आदि लोगों का कहना है कि, परिवर्तन विभाग इस निजी बस यूनियन की बसों को कभी चेक नही करती है, क्योंकि एक व्यवस्था के तहत तय शुदा रकम माहवारी पहुंच जाती है जिससे परिवर्तन विभाग का पूर्ण संरक्षण इन्हें प्राप्त है।
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