दलित विधवा की आजीविका पर हमला, न्याय की उम्मीद

नौतन में गंडक नहर किनारे जमीन विवाद, दलित विधवा ने की कार्रवाई की मांग

सांकेतिक


नौतन/बिहार (राष्ट्र की परम्परा) नौतन थाना क्षेत्र के मछलीहट्टा पूर्वी इलाके में गंडक नहर किनारे स्थित जमीन को लेकर जमीन विवाद सामने आया है। इस विवाद ने उस वक्त गंभीर रूप ले लिया जब एक दलित विधवा महिला की वर्षों पुरानी गुमटी को कथित तौर पर हटाकर उसी स्थान पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है और पीड़िता ने पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

ये भी पढ़ें – निर्धारित समयसीमा में पूरा हो वृद्धाश्रम निर्माण: डीएम

गुमटी हटाने का आरोप, आजीविका पर संकट
सुन्दरपुर गांव निवासी सीता देवी ने नौतन थाने में लिखित आवेदन देकर बताया कि वह गंडक नहर पुल के पास अपनी छोटी-सी गुमटी में दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करती थीं। यह दुकान ही उनकी आय का एकमात्र साधन था।
पीड़िता का आरोप है कि शुक्रवार रात कुछ दबंग लोगों ने उनकी गुमटी को जबरन हटा दिया और उसी जगह अपनी गुमटी खड़ी कर ली। इस कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी छिन गई और परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया।
अवैध कब्जे का आरोप, त्वरित जांच की मांग
सीता देवी ने इसे अवैध कब्जा बताते हुए पुलिस से तत्काल जांच, दोषियों की पहचान और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो उनके लिए जीवन-यापन मुश्किल हो जाएगा। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि गंडक नहर किनारे जमीन को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं, लेकिन इस तरह किसी गरीब महिला की आजीविका पर सीधा प्रहार निंदनीय है।

ये भी पढ़ें – स्कूल ऑटो पलटने से गुमला में मातम, सुरक्षा पर उठे सवाल

पुलिस का पक्ष: आवेदन मिला, जांच जारी
नौतन थाना प्रभारी ने पुष्टि की कि महिला का आवेदन प्राप्त हो गया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की हिदायत दी गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने पर विधि के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सामाजिक सरोकार और कानून-व्यवस्था का सवाल
यह मामला केवल जमीन विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, दलित अधिकार और महिला सुरक्षा से भी जुड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार सार्वजनिक नहर किनारे अतिक्रमण और गुमटी विवादों में प्रशासन की स्पष्ट नीति और त्वरित कार्रवाई जरूरी है, ताकि कमजोर वर्गों की आजीविका सुरक्षित रह सके।
स्थानीय उम्मीद: निष्पक्ष जांच और शीघ्र न्याय हो
इलाके के नागरिकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, यथास्थिति बहाल करने और पीड़िता को राहत दिलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे विवाद बढ़ सकते हैं और सामाजिक तनाव गहरा सकता है।

Editor CP pandey

Recent Posts

पत्रकार संगठन में बड़ा बदलाव, आरके भट्ट को महामंत्री और संजय चाणक्य को नई जिम्मेदारी

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति, कुशीनगर की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को पडरौना…

52 minutes ago

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भीड़, मंगलम हॉस्पिटल ने शुरू की अत्याधुनिक कैंसर सेवा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए शनिवार, का दिन एक महत्वपूर्ण…

15 hours ago

2050 का स्वास्थ्य संकट: कैंसर बनेगा सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती?

कैंसर अब केवल वृद्धावस्था की बीमारी नहीं, कई देशों में कम आयु के लोगों में…

16 hours ago

राप्ती ईको पार्क में वृक्षारोपण का महाअभियान 5,567 पौधे रोपे गए

एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हरित गोरखपुर का संकल्प गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)नगर…

18 hours ago

करमैनी-बेलौली तटबंध पर बाढ़ तैयारियों का एडीएम ने लिया जायजा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। मानसून के बीच संभावित बाढ़ के खतरे को देखते…

18 hours ago

एक पेड़ माँ के नाम महाअभियान के तहत पुलिस लाइन्स में हुआ वृक्षारोपण

एसएसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, हर नागरिक से एक पौधा…

2 days ago