रिश्ता बनाम स्क्रीन: फोन की लत कैसे कमजोर कर रही है कपल्स का बंधन

(अभिषेक कुमार की प्रस्तुति राष्ट्र की परम्परा के लिए)

आज के दौर में फोन हमारी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हम इसका इस्तेमाल करते हैं। काम हो या मनोरंजन, जानकारी हो या कनेक्शन—सबकुछ इस छोटे से डिवाइस पर सिमट आया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह फोन हमारे रिश्तों से भी ज्यादा जरूरी हो चुका है?
जब स्क्रीन टाइम पार्टनर टाइम पर भारी पड़ जाए
सोचिए, आप ऑफिस में दिनभर 8–9 घंटे काम करते हैं, फिर सफर में 1–2 घंटे फोन हाथ में, और घर आने के बाद भी नजरें मोबाइल स्क्रीन से चिपकी रहती हैं। ऐसे में आपके पार्टनर को वक्त देने का मौका कब मिलता है? यह आदत धीरे-धीरे रिश्तों को कमजोर कर देती है। सामने वाले को महसूस होता है कि आप उनके मुकाबले फोन को ज्यादा अहमियत देते हैं।

रिश्ते में दूरी का कारण: “फोन”फोन इस्तेमाल करना गलत नहीं है, लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब यह आपकी प्राथमिकता की जगह लेने लगता है। कपल थेरेपिस्ट वैनेसा मारिन का कहना है कि फोन की यह लत आजकल रिश्तों में झगड़े की बड़ी वजह बन रही है। यह केवल स्क्रीन टाइम की बात नहीं है, बल्कि यह पार्टनर के लिए संदेश है कि आप उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं। लगातार स्क्रॉल करते रहने से साथी को अकेलापन, दूरी और कम अहमियत वाला महसूस होता है।
क्यों जरूरी है बदलाव? सीमित समय की अहमियत: नौकरी या बिजनेस करने वाले कपल्स के पास पहले ही साथ बिताने का समय बहुत कम होता है। अगर वही समय भी फोन पर निकल जाए तो रिश्ते में खटास आना तय है।
सम्मान और सुनना: पार्टनर तब संतुष्ट और सुरक्षित महसूस करता है, जब उन्हें लगे कि उनकी बात सुनी जा रही है और उनकी अहमियत है। फोन के कारण ध्यान बंटने से यह संतुलन बिगड़ जाता है।
प्यार और नजदीकी पर असर: रिश्ते की मजबूती प्यार और साथ बिताए गए पलों पर टिकी होती है। अगर हर वक्त फोन बीच में आ जाए तो भावनात्मक जुड़ाव कमजोर पड़ जाता है।
समाधान: छोटी आदतें, बड़े बदलाव
वैनेसा मारिन का सुझाव है कि कपल्स अपने फोन इस्तेमाल पर कुछ सीमाएं तय करें:

  1. खाने के समय फोन नहीं – परिवार या पार्टनर के साथ बैठकर बिना किसी रुकावट के भोजन करें।
  2. सैर पर फोन घर पर छोड़ें – टहलने या घूमने के दौरान केवल एक-दूसरे के साथ वक्त बिताएं।
  3. सोने से पहले फोन का इस्तेमाल न करें – बेडरूम को “नो-फोन जोन” बना दें।
  4. गंभीर बातचीत के दौरान फोन नीचे रखें – जब साथी कोई अहम बात कर रहे हों तो फोन से नजर हटाकर पूरी तवज्जो दें।
  5. फोन को बेडरूम से बाहर रखें – इससे आप दोनों एक-दूसरे के साथ अधिक समय बिता पाएंगे।
    नतीजा: मजबूत और संतुलित रिश्ता
    रिश्ते केवल साथ रहने से नहीं, बल्कि साथ को महत्व देने से मजबूत बनते हैं। अगर आप अपने फोन के इस्तेमाल पर थोड़ी लगाम लगाएं और पार्टनर को प्राथमिकता दें, तो यह न सिर्फ झगड़े कम करेगा बल्कि रिश्ते में प्यार, भरोसा और नजदीकी भी बढ़ाएगा।
    आख़िरकार, फोन इंतजार कर सकता है—but आपका पार्टनर नहीं।
Editor CP pandey

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