बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। श्रीराम कथा का आयोजन खैरिघाट के पिपरिया में चल रहा श्री चन्डी महायज्ञ में द्वितीय दिवस कथा व्यास पन्डित मूलचंद्र दास ने प्रभु श्री राम की महिमा का वर्णन किया,उन्होंने कहा की भगवान राम की कथा हमारे समाज को अनुशासन,प्रेम व सदभाव का संदेश देती है और जिन घरों में भगवान श्रीराम समेत सनातन धर्म के हमारे देवी देवताओं एवं महापुरुषों की कथाओं का गुणगान होता है उन परिवारों में हमेशा सुख शांति रहती है।
उन्होंने कहा की राम लक्ष्मण भरत शत्रुघन जैसे भाई से हमें सभी गुण सीखना चाहिए और जिस प्रकार भरत ने अपने चरित्र आचरण और सादगी के साथ राज्य चलाया और प्रजा को सब कुछ दिया ,उससे हमे सीख लेने की जरूरत है।
भरत चरित्र की कथा सुनाते हुए बताया कि भरत ने बड़े भाई भगवान श्रीराम की चरणपादुका को चौदह वर्षों तक उनकी पूजा अर्चना उनका दास बनकर अयोध्या की प्रजा की सेवा की।कथा वाचक ने बताया कि यदि हमारे समाज के लोग श्रीराम चरित मानस का अनुकरण करते हुए जीवन निर्वाह करने की कला सीख ले तो समाज की सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान स्वयं हो जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य यजमान सावित्री देवी, कार्यक्रम अध्यक्ष मुकुंदराम मिश्र, डॉ घनश्याम,डा.सत्येंद्र,धर्मेंद्र भारद्वाज,योगेन्द्र योगी,मनमोहन सिंह,अंबिका प्रसाद,राम निवास जायसवाल समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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