महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। इंसानियत का कोई चेहरा नहीं होता, उसके लिए बस एक साफ नियत की जरूरत होती है। किसी की मदद करने के लिए साधनों की नहीं, बल्कि एक सोच ही काफी है। एक ऐसी ही इंसानियत की जीती जागती मिसाल हैं देवेश पांडेय जिन्होंने 27 बार रक्तदान कर अब तक दर्जनों लोगों की जाने बचाई है। देवेश पांडेय को जनपद में रक्तवीर के नाम से जाना जाता है। उनके पास प्रमाण पत्रों, प्रशस्ति पत्रों, स्मृति चिह्नों की भरमार है। रेडक्रॉस, जिला अस्पताल सहित अनेकों संस्थान इन्हें सम्मानित कर चुके हैं। देवेश मानते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान करने हेतु आगे आना चाहिए। किसी के अनमोल जीवन को बचाने के लिए रक्तदान से बढ़कर और कोई पुण्य नहीं है।उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के रक्तदान से 4 लोगों की जाने बचाई जा सकती है। उनके इस जज्बे को जनपद का हर व्यक्ति आदर करता है।
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