मसल्स मेनिया में पूर्वांचल का दबदबा

खलीलाबाद के शुएब और महराजगंज के सनी ने जीता स्वर्ण पदक

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
राजधानी दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित मसल्स मेनिया चैंपियनशिप में पूर्वांचल के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर क्षेत्र का परचम लहराया। खलीलाबाद के शुएब और महराजगंज के सनी गुप्ता ने अपनी-अपनी कैटेगरी में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाकर टीम माज़ खान और पूर्वांचल को बड़ी उपलब्धि दिलाई।

दो कैटेगरी में चमके शुएब, सनी ने भी दिलाया स्वर्ण

जानकारी के अनुसार टीम माज़ खान के एथलीट शुएब ने शानदार फार्म जारी रखते हुए दो कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। मजबूत बॉडी, बेहतरीन पोज़िंग और प्रभावशाली मंच प्रदर्शन के दम पर उन्होंने निर्णायकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
वहीं महाराजगंज के सनी गुप्ता ने भी अपने दमदार प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीतकर टीम के मेडल कलेक्शन में एक और चमकदार उपलब्धि जोड़ दी।

टीम माज़ खान लगातार सुर्खियों में

टीम माज़ खान के खिलाड़ी पिछले दिनों भी सुर्खियों में रहे हैं, जब टीम के दो एथलीटों ने थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भारत का झंडा फहराया था। अब शुएब और सनी की जीत ने फिर साबित कर दिया कि पूर्वांचल के युवा एथलीट राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति बना चुके हैं।

शुएब बोले — “माज़ सर सिर्फ कोच नहीं, अभिभावक हैं

अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए शुएब ने कहा—
“मैं मध्यम परिवार से हूँ। शुरुआत से गोलू भाई के साथ जिम करता रहा हूँ। उन्होंने परिवार की तरह हर कदम पर मेरा साथ दिया। माज़ सर से जुड़ने के बाद असली ट्रेनिंग समझ में आई। सर हमें पूरी नॉलेज और अनुशासन के साथ तैयार करते हैं। वे सिर्फ कोच नहीं, एक अभिभावक की तरह हमेशा हमारे साथ खड़े रहते हैं।”

सनी ने बताया संघर्ष— “गरीब था, लेकिन माज़ सर ने सपने पूरे करवाए”

महाराजगंज के मिठौरा ब्लॉक निवासी सनी ने कहा—
“मैं गरीब परिवार से हूँ। कई कोचों के पास गया, लेकिन पैसों के कारण कोई मदद नहीं करता था। बाद में माज़ सर से मिला और उनकी टीम जॉइन की। फिर मिस्टर पूर्वांचल, मिस्टर गोरखपुर, मिस्टर महाराजगंज और अब मसल्स मेनिया तक पहुँचा। यह सब माज़ सर की वजह से संभव हुआ है। अभी बहुत बड़ी उपलब्धियाँ आनी बाकी हैं—यह तो सिर्फ शुरुआत है।”

पूर्वांचल के एथलीटों ने फिर दिखाया दम

मसल्स मेनिया में शुएब और सनी की दमदार जीत ने यह साबित कर दिया कि
मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के साथ पूर्वांचल के खिलाड़ी किसी भी मंच पर इतिहास लिखने की क्षमता रखते हैं।

rkpnews@desk

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