“छठ महापर्व पर प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएँ

🌅सूर्यदेव की आराधना में झलकती भारत की भव्य परंपरा, छठी मइया से सभी के जीवन में प्रकाश की कामना”

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत की सांस्कृतिक आत्मा को झंकृत करने वाले लोकआस्था के महापर्व ‘छठ’ के समापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत की भव्य परंपरा और दिव्य संस्कृति का सजीव प्रतीक है, जो श्रद्धा, संयम और सूर्योपासना की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत करता है।

प्रधानमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स (X)’ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा—

“भगवान सूर्यदेव को प्रात:कालीन अर्घ्य के साथ आज महापर्व छठ का शुभ समापन हुआ। चार दिवसीय इस अनुष्ठान के दौरान छठ पूजा की हमारी भव्य परंपरा के दिव्य दर्शन हुए। समस्त व्रतियों और श्रद्धालुओं सहित पावन पर्व का हिस्सा बने अपने सभी परिवारजनों का हृदय से अभिनंदन। छठी मइया की असीम कृपा से आप सभी का जीवन सदैव आलोकित रहे।”

ये भी पढ़ें – जनता की अपेक्षाएँ बनाम ज़मीनी सच्चाई — 2025 का लोकतांत्रिक इम्तिहान

🌞 छठ महापर्व: सूर्य उपासना और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम
चार दिनों तक चले इस महापर्व में निष्ठा, तपस्या और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य की पारंपरिक विधियों से सम्पन्न यह पर्व न केवल सूर्यदेव और छठी मइया की उपासना का प्रतीक है, बल्कि परिवार, समाज और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी सशक्त संदेश देता है।
💫 प्रधानमंत्री ने साझा किए भक्ति गीत, बढ़ाया लोक संस्कृति का मान उत्सव के प्रारंभ से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से छठ पूजा के गीत साझा करने और उन्हें व्यापक रूप से प्रचारित करने का आग्रह किया था।
उन्होंने तीसरे दिन भी एक गीत साझा करते हुए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएँ दीं और लिखा—
“डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की हमारी परंपरा अत्यंत अनूठी है। भगवान सूर्य की कृपा से सभी का कल्याण हो, सभी को जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता मिले। जय छठी मइया!”

ये भी पढ़ें – वार्ता में नतीजा नहीं, तनाव बरकरार: इस्तांबुल से खाली हाथ लौटे पाकिस्तान और अफगानिस्तान

🙏 सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना इस वर्ष का छठ पर्व
देशभर में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना, सरयू और अन्य नदियों के घाटों पर डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।
ऑनलाइन मंचों पर भी छठ से जुड़ी भक्ति, भावनाएँ और लोकगीतों का आदान-प्रदान देखने को मिला, जिसने इस वर्ष के उत्सव को और अधिक समावेशी, उज्ज्वल और एकतामय स्वर प्रदान किया।
🕉️छठ केवल पूजा नहीं, यह प्रकृति, परिवार और परंपरा का सामूहिक उत्सव है। प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएँ इस बात की पुष्टि करती हैं कि भारत की सांस्कृतिक धारा में लोकआस्था का यह पर्व अनंत प्रकाश का प्रतीक बना रहेगा।

Editor CP pandey

Recent Posts

आगरा में विकास कार्यों की होगी परत-दर-परत जांच, अधिकारियों को समयबद्ध रिपोर्ट का निर्देश

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की…

1 hour ago

बच्चों के विवाद में मारपीट, युवक समेत तीन घायल

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l थाना क्षेत्र के बढ़ौना हर्दो चौराहे पर बच्चों के आपसी झगड़े…

2 hours ago

रेट आवेदन प्रक्रिया पूरी, त्रुटि सुधार आज तक होगा

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश हेतु आयोजित शोध पात्रता परीक्षा…

2 hours ago

3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण, 4 मार्च को पूरे भारत में मनाई जाएगी होली

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l आगामी 3 मार्च 2026, मंगलवार को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन खग्रास…

2 hours ago

अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलटी पिंक बस, दो युवक गंभीर घायल

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के कोतवाली क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बुधा…

2 hours ago

होली से पहले देवरिया के स्वास्थ्य केंद्रों पर अलर्ट, सीएमओ ने किया औचक निरीक्षण

देवरिया,(राष्ट्र की परम्परा)जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन…

3 hours ago