बारह वर्षों से अधर में लटका प्राथमिक विद्यालय भवन, छात्रों की पढ़ाई पर संकट

जिम्मेदार अधिकारी बेखबर, बच्चों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा

(महराजगंज से सतीश पाण्डेय की रिपोर्ट)

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।
जनपद के मिठौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कुइयां उर्फ महेशपुर के टोला जमुनहियां स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन बीते बारह वर्षों से अधर में लटका हुआ है। शिक्षा जैसे मूलभूत अधिकार की उपेक्षा का यह उदाहरण न केवल बच्चों की पढ़ाई को बाधित कर रहा है, बल्कि बरसात के मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है।

अधूरा भवन, अधूरी व्यवस्था

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 12 वर्ष पूर्व तत्कालीन प्रधानाध्यापक रामकृष्ण द्वारा विद्यालय परिसर में दो अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। लेकिन यह निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका। भवन की दीवारें अधूरी हैं, प्लास्टर तक नहीं किया गया है। खिड़की-दरवाजे नदारद हैं और फर्श पर आज तक मिट्टी तक नहीं डाली गई।

बरसात में जलजमाव से संक्रमण का डर

गंभीर समस्या तब और विकराल हो जाती है जब बरसात के मौसम में अधूरे भवन में जलजमाव हो जाता है, जिससे स्कूल परिसर में संक्रामक बीमारियों के फैलने का भय बना रहता है। स्थानीय ग्रामीणों और विद्यालय स्टाफ की ओर से कई बार इसकी शिकायत ग्राम प्रधान और विभागीय अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

अधिकारी मूकदर्शक, जिम्मेदार स्कूल छोड़ चुके

सूत्रों की मानें तो इस अधूरे निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार व्यक्ति वर्तमान में पनियरा ब्लॉक के किसी विद्यालय में कार्यरत हैं। इसके बावजूद, संबंधित अधिकारियों द्वारा उनके विरुद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

बीएसए ने दिया जांच का आश्वासन

इस गंभीर मामले में जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धि पांडेय से बात की गई तो उन्होंने कहा, “मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। अब जानकारी मिली है, शीघ्र ही जांच कराकर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

सवालों के घेरे में शिक्षा व्यवस्था

इस प्रकरण ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे शिक्षा के अधिकार अधिनियम और सर्व शिक्षा अभियान जैसे कार्यक्रम जमीनी हकीकत से कितने दूर हैं। एक ओर डिजिटल इंडिया और स्मार्ट क्लास की बातें हो रही हैं, दूसरी ओर एक प्राथमिक विद्यालय का भवन 12 साल से अधूरा पड़ा है।

ग्रामवासियों की स्पष्ट मांग है कि—अधूरे भवन का जल्द निर्माण पूरा कराया जाए ,जिम्मेदार व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई हो ,बच्चों की पढ़ाई एवं स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए,यदि समय रहते संबंधित विभागों ने संज्ञान नहीं लिया, तो ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है।

Editor CP pandey

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