राष्ट्रीय जलमार्ग-1 से बिहार को वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी

बिहार में जल परिवहन का नया युग: एफआरपी नावों से बदलेगी तस्वीर, रोजगार और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

पटना (राष्ट्र की परम्परा)बिहार में जल परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित और किफायती बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरगामी कदम उठाया गया है। गेमचेंजर प्लान (निनि) के तहत अब छात्रों को पारंपरिक लकड़ी की नावों के स्थान पर फाइबर रिइनफोर्स्ड प्लास्टिक (एफआरपी) नावों के निर्माण की प्रशिक्षण सुविधा दी जाएगी। इस योजना की शुरुआत इस वर्ष के अंत तक होने की संभावना है, जिसके लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें – देर रात लोकल ट्रेनों में बढ़ता अपराध, सुरक्षा पर उठे सवाल

निनि में लगभग 10 मीटर लंबी एफआरपी नावों के निर्माण की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिनमें एक साथ 25 से 30 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। एक नाव को तैयार करने में लगभग चार महीने का समय लगेगा। इन नावों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्हें कम रखरखाव की जरूरत होगी और करीब 10 वर्षों तक मरम्मत की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे संचालन लागत में भारी कमी आएगी।

ये भी पढ़ें – पहचान सत्यापन में किन दस्तावेजों की होगी जरूरत

प्रोजेक्ट निदेशक इंद्रजीत सोलंकी ने यह जानकारी परिवहन मंत्री श्रवण कुमार को दी, जब मंत्री ने गायघाट पहुंचकर शिप रिपेयरिंग सुविधा और निनि का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद छात्र स्वयं नाव और शिप निर्माण का व्यवसाय शुरू कर सकेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
परिवहन मंत्री ने गायघाट से दीघा घाट तक वाटर मेट्रो वेसल में यात्रा कर जल परिवहन की संभावनाओं का आकलन किया। उन्होंने कहा कि नदी परिवहन सड़क और रेल की तुलना में सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल है। इससे बालू, सब्जियां और भारी सामान की ढुलाई आसान होगी, सड़क जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
निनि के अनुसार, राष्ट्रीय जलमार्ग-1 बिहार को कोलकाता और हल्दिया जैसे समुद्री बंदरगाहों से जोड़ता है, जिससे स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिल सकती है। साथ ही भागलपुर से विराटनगर (नेपाल) तक जलमार्ग व्यापार की संभावनाओं पर भी अध्ययन किया जा रहा है।
प्रदेश में 1550 घाट और 6600 से अधिक पंजीकृत नावें यह दर्शाती हैं कि बिहार में जल परिवहन के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। सरकार का मानना है कि एफआरपी नावें और आधुनिक जलमार्ग सुविधाएं बिहार की अर्थव्यवस्था को नया बल देंगी और राज्य को जल परिवहन के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएंगी।

Editor CP pandey

Recent Posts

रेलवे चौकी के पास दुकानदार दंपत्ति से मारपीट, काफी देर बाद पहुंचे पुलिसकर्मी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। शहर के रेलवे स्टेशन रोड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई…

12 hours ago

बंधऩ बैंक की नई शाखा का उद्घाटन, लोगों को मिलेगी बैंकिंग सुविधा

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगर के रुद्रपुर रोड स्थित कटरा में मंगलवार को बंधन बैंक…

15 hours ago

सर्राफा दुकान से सोने के आभूषण लेकर भागा युवक, लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बेल्थरा रोड नगर में मंगलवार को एक सर्राफा दुकान…

15 hours ago

एक हाथ में चाक-एक में डस्टर

साइंस मैथ्स का मैं अध्यापक,एक हाथ में चाक एक में डस्टर,एक क्लास से दूसरी क्लास…

15 hours ago

जीएसटी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन, 182 शोध-पत्रों की हुई प्रस्तुति

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा भारतीय सामाजिक…

15 hours ago

27 व 28 मार्च को होगी गोरखपुर विश्वविद्यालय की शोध पात्रता परीक्षा

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूर्णकालिक पी.एच.डी. शोध पात्रता परीक्षा…

16 hours ago