बिहार/पटना (राष्ट्र की परम्परा)
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना ने राजनीतिक माहौल में नई हलचल पैदा कर दी है। शुरुआती रुझानों के साथ ही सत्ता की तस्वीर लगभग स्पष्ट होती दिख रही है। जिस तेजी और मजबूती के साथ एनडीए सीटों पर बढ़त मज़बूत कर रहा है, उसने राज्य की भावी सरकार की दिशा लगभग तय कर दी है। मुकाबला भले ही त्रिकोणीय रहा हो, लेकिन शुरुआती वोट ट्रेंड यह संकेत दे रहे हैं कि बिहार की कुर्सी पर एनडीए की वापसी लगभग सुनिश्चित होती दिखाई दे रही है।
बिहार चुनाव 2025 की मतगणना शुरू होते ही राजनीतिक मैदान में उत्सुकता अपने चरम पर पहुंच गई। मतगणना केंद्रों से आते प्रारंभिक आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि राज्य में इस बार का जनादेश किस ओर झुक रहा है। एनडीए लगातार उन सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत की दहलीज को पार करने के लिए जरूरी मानी जा रही थीं।
243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 122 सीटों का जादुई आंकड़ा चाहिए। ताज़ा रुझानों के अनुसार एनडीए इस संख्या के बेहद करीब पहुँच गया है और कई जगहों पर उसकी लीड स्थिर हो कर मजबूत बहुमत का संकेत दे रही है। इन रुझानों ने विपक्षी महागठबंधन की उम्मीदों को सीमित कर दिया है और हवा का रुख साफ तौर पर एनडीए की ओर बहता दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विकास-एजेंडा, नेतृत्व की स्थिरता और उम्मीदवारों का स्थानीय प्रभाव इस बार एनडीए के पक्ष में निर्णायक कारक बनकर उभरे हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के वोटरों की पसंद में एक समान झुकाव दिखाई दे रहा है, जो एनडीए की सीटों में तेजी से बढ़त के रूप में सामने आया है।
मतगणना अभी जारी है, लेकिन जो ट्रेंड अब तक सामने आ रहे हैं, वे इस ओर संकेत करते हैं कि बिहार की सत्ता की चाबी एक बार फिर एनडीए के हाथों में जाने वाली है। सभी की निगाहें अब अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, लेकिन राजनीतिक हवा लगभग साफ हो चुकी है—बिहार में एनडीए की सरकार बनना तय-सा दिख रहा है।
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