महाकाल गलियारा कल परियोजना का उद्घाटन करेंगे PM मोदी, 856 करोड़ में हुआ है तैयार

नयी दिल्ली एजेंसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को उज्जैन दौरे पर जा रहे हैं। उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री महाकाल लोक गलियारे के प्रथम चरण का उद्घाटन करेंगे। इसके प्रथम चरण के निर्माण में 856 करोड रुपए खर्च किए गए हैं। इसे महाकालेश्वर मंदिर गलियारा विकास परियोजना का नाम दिया गया है। प्रधानमंत्री के दौरे के बारे में जानकारी देते हुए मध्य प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी महाकाल लोक के पहले चरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह हम सभी के लिए यादगार पल होगा। पूरा राज्य उस पल का इंतजार कर रहा है और हम सभी किसी न किसी रुप में इस आयोजन में हिस्सा लेंगे। दूसरी ओर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसके लोकार्पण को लेकर लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। श्री महाकाल लोक राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ड्रीम प्रोजेक्ट है। गलियारे के उद्घाटन के बाद से मंदिर में दर्शन व्यवस्था सुव्यवस्थित हो सकती है। अगले 50 साल को ध्यान में रखकर इस गलियारे का निर्माण कार्य किया गया है। भीड़ को व्यवस्थित करने और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक दर्शन कराने में इसकी काफी अहम भूमिका है। महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। महाकाल मंदिर के नवनिर्मित गलियारे को 108 स्तंभ पर बनाया गया है, 910 मीटर का ये पूरा महाकाल मंदिर इन स्तंभों पर टिका होगा। महाकवि कालिदास के महाकाव्य मेघदूत में महाकाल वन की परिकल्पना को जिस सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है, सैकड़ों वर्षों के बाद उसे साकार रूप दे दिया गया है। 

जानकारी के मुताबिक गलियारे के लिए दो भव्य प्रवेश द्वार-नंदी द्वार और पिनाकी द्वार बनाए गए हैं। यह गलियारा मंदिर के प्रवेश द्वार तक जाता है तथा मार्ग में मनोरम दृश्य पेश करते हैं। महाकाल लोग भारत में अब तक निर्मित सबसे बड़े कॉरिडोर में से एक है। यह रुद्र सागर झील के पास है। झील को भी इस परियोजना के अंतर्गत पुनर्जीवित किया गया है। राजस्थान गुजरात और उड़ीसा के शिल्पकारों ने पूरे निर्माण कार्य के लिए पत्थर तरासे हैं। उन्हीं के द्वारा पूरे कॉरिडोर को सजाया भी गया है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक उज्जैन शहर के प्राचीन गौरव को वापस लाना है। कॉरिडोर में तमाम आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। नियमित अंतराल पर त्रिशूल शैली के डिजाइन बनाए गए हैं जिस पर 108 स्तंभ लगे हैं। मार्ग में सीसीटीवी की भी व्यवस्था किए गए हैं।

Editor CP pandey

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