मत्स्य पालकों को आर्थिक दृष्टि से समृद्ध करने में निर्णायक साबित होगा योजना-मंत्री

बहराइच( राष्ट्र की परम्परा)प्रदेश के मत्स्य विभाग के मंत्री डा0 संजय निषाद ने एन0आई0सी0 सभागार प्रतापगढ़ में गूगल मीट के माध्यम से प्रदेश के सभी मण्डल के उप निदेशक एवं अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, मछुआरों को केसीसी निर्गत करने, मछुआरों के निःशुल्क बीमा, मत्स्य पालन पट्टे, विभागीय प्रेक्षत्रों के विकास, मत्स्य विकास निधि एवं जिला खनिज निधि एवं अन्य विभागीय योजनाओं की समीक्षा विस्तृत समीक्षा की। मंत्री ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अन्तर्गत आनलाइन प्राप्त आवेदकों का परीक्षण कर लिया जाये और यदि कोई आवेदन अपूर्ण है तो विभागीय अधिकारी उसे पूर्ण करायें, किसी भी दशा में किसी भी आवेदक का आवेदन तकनीकी आधार पर निरस्त न किया जाये। योजना का लाभ निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से उपलब्ध कराने हेतु डिजिटल लाटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाये। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अन्तर्गत अभी तक जनपदवार की गयी प्रगति समीक्षा करते हुये मंत्री जी ने मण्डलीय अधिकारियों को अवशेष लाभार्थियों की सूची जिन्हें अब तक लाभान्वित नही किय गया है निदेशालय भेजे जाने का निर्देश दिया तथा उन्होने कहा कि इस सूची के लाभार्थियों को काल सेन्टर के माध्यम से सम्पर्क कर उन्हें योजना का लाभ दिलवाया जाये। उन्होने कहा कि यह योजना मत्स्य पालकों को आर्थिक दृष्टि से समृद्ध करने में निर्णायक सावित होगी। मंत्री ने गांव के गरीब मत्स्य पालकों को निःशुल्क बीमा का ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने का निर्देश दिया ताकि मत्स्य पालकों को दुर्घटना में मृत्यु या घायल होने पर आर्थिक लाभ दिलाया जा सके। उन्होने जनपदों में स्थित विभागीय प्रक्षेत्रों के विकास एवं वर्तमान स्थिति के सम्बन्ध में सभी उप निदेशकों से रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। मत्स्य पालकों को केसीसी का लाभ दिलाये जाने के लिये उन्होने मण्डलवार विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया। इसके साथ ही मंत्री ने मत्स्य विकास निधि एवं जिला खनिज निधि के सम्बन्ध में सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि इस निधि से मछुआरों के हित की योजनाओं पर ही उक्त धनराशि का व्यय किया जायेगा। मेरठ मण्डल की समीक्षा करते हुये उन्होने एक्वाफोनिक खेती के सन्दर्भ में एक रिपोर्ट बनाने एवं इसकी तकनीक को प्रदेश में प्रचारित करने का निर्देश दिया। गूगल मीट की बैठक में एनआईसी सभागार में संयुक्त निदेशक एन0एस0 रहमानी, अपर जिलाधिकारी (वि0रा0) त्रिभुवन विश्वकर्मा एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी मत्स्य विकास कुमार दीपांकर उपस्थित रहे।

Editor CP pandey

Recent Posts

भूजल संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान तेज, डीएम ने जागरूकता वाहन को दिखाई हरी झंडी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में भूजल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा…

11 hours ago

शहर का चर्चित होटल निर्माण मानकों पर फेल, प्रशासन की जांच में उजागर हुईं गंभीर अनियमितताएं

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय के एक चर्चित होटल नेमत में निर्माण मानकों और…

11 hours ago

मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल

निचले इलाकों में जलभराव से हाहाकार, अंडरपास डूबे—राप्ती कॉम्प्लेक्स की 200 से अधिक दुकानें जलमग्न…

11 hours ago

बाढ़ पूर्व तैयारियों का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण

अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के दिए निर्देश मऊ (राष्ट्र की परम्परा)जनपद मऊ में…

11 hours ago

अवर अभियंता के आश्वासन पर कांग्रेसियो ने श्रमदान वापस लिया

सोनूघाट से सड़क पाटने का कार्य जारी बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)शनिवार को बारीपुर हनुमान मंदिर के…

12 hours ago

मिट्टी के घर से संसद तक: रवि किशन ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' के रूप में संभाला कार्यभार, पहले ही व्याख्यान में संघर्ष, अनुशासन और…

12 hours ago