जलकल विभाग द्वारा पीला एवं गन्दा पानी की समस्या का नही किया गया समाधान
महराजगंज ( राष्ट्र की परम्परा) ।नौतनवां नगर पंचायत के सभी वार्डो में बीते कई दिनों से आ रहे गन्दे एवं पीले पानी से लोग काफी परेशान हैं। लगभग एक सप्ताह से जलकल विभाग के द्वारा दी जा रही वाटर सप्लाई पीने योग्य नहीं है। नौतनवां नगर वासियों को हर एक या दो माह में अक्सर मिलता रहता है गन्दा पीला पानी जिसकी सुधि लेने वाला कोई जिम्मेदार नहीं दिख रहा है। सबसे अधिक नगर में रहने वाले मध्यम वर्ग एवं मालीन बस्तियों में निवास करने वालों लोगों के सामने जल संकट बना हुआ है। नगर में मौजूद अन्य लोग जिनके पास पैसे हैं वह लोग अपने घरों पर 2 सौ से तीन सौ फीट तक बोर करवा कर घरों में आरो मशीन लगाकर पानी पी रहे हैं। जबकि मध्यम वर्ग के लोग जलकर विभाग से मिल रहे गन्दे पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। नगर पंचायत के राजेंद्र मद्धेशिया, गोपाल अग्रहरि, प्रमोद, सुदामा, रघुपति शर्मा, भगवान दास, विश्वकर्मा, सुनील शर्मा ,हरिप्रसाद यादव, दिलीप विश्वकर्मा ,धर्मेन्द्र यादव, बृजमोहन चौधरी, राजेश शर्मा, धर्मेन्द्र जायसवाल, अनील पटवा, रमेश चौधरी, लक्ष्मन पटवा, प्रमोद यादव आदि लोगो ने बताया कि नौतनवां नगर में मौजूद जलकल विभाग के द्वारा आए दिन हम लोगों को गन्दा व पीला पानी मिलता रहता है जिसकी शिकायत हम सभी लोग कई बार कर चुके हैं। जिम्मेदार हर बार मौजूद नलकूप में अड़ार गिरने का हवाला देकर शांत बैठ जाते हैं।
इस सन्दर्भ में चेयर मैन नौतनवां बृजेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि एक पम्प खराब हो गया है टंकी साफ करवा रहे हैं उसके बाद भी टंकी का पानी पीला हो जा रहा है। जब तक नया पम्प नहीं लग जाता है तब तक दिक्कत है। कल हम डीएम से नये नलकूप के लिए मुलाकात करेंगे स्वीकृति मिलते ही नये नलकूप का बोर जल्द करवाया जायेगा।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला पंचायत द्वारा व्यापारियों को जारी किए जा रहे…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। पर्यावरण संरक्षण, सस्टेनेबिलिटी और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर…
बस्ती (राष्ट्र की परम्परा)l जिलाधिकारी के निर्देशन में जिला स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील भानपुर…
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) नगर में हुए हादसे मे दो व्यक्ति घायल होगा गए, स्थानीय लोगो…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र, संत कबीर…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है कि…