लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में तैनात कार्मिकों के लिए अब डिजिटल ट्रेनिंग अभियान शुरू हो गया है। पीक्यूएसडीएफ (PQSDP) की ओर से शुरू किए गए इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में कार्यरत चिकित्सा अधीक्षक, लैब टेक्नीशियन और कंप्यूटर ऑपरेटर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम लागू
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मरीजों को डिजिटल पैथालॉजी रिपोर्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है। अब जांच के बाद मरीज को अपनी रिपोर्ट के लिए अस्पताल आने की जरूरत नहीं होगी। रिपोर्ट सीधे कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से तैयार होकर मरीज के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप या एसएमएस के जरिए भेजी जाएगी।
एक महीने चलेगा ट्रेनिंग अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि यह प्रशिक्षण अभियान चरणबद्ध तरीके से चलेगा और लगभग एक महीने तक जारी रहेगा। इसके तहत सभी जनपदों में अलग-अलग चरणों में कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
मरीजों को बड़ी राहत
डिजिटल प्रणाली लागू होने से जहां अस्पतालों में भीड़ कम होगी, वहीं मरीजों को समय और धन की भी बचत होगी। इसके साथ ही रिपोर्ट की पारदर्शिता और सटीकता भी सुनिश्चित होगी।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह पहल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव लाएगी और मरीजों को आधुनिक तकनीक से सीधे जोड़कर बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगी।
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