हमारा जीवन बाँसुरी

जब मित्रता टूट जाती है, संसार
में सच्चे इंसान तब दुःखी होते हैं,
झूठे इंसान दुख के समय मित्र को
छोड़ कर दूर दूर खड़े नज़र आते हैं।

प्राय: ऐश्वर्य की अधिकता में मित्रों
और शत्रुओं की वृद्धि हो जाती है,
वहीं ज्ञान और विवेक जब बढ़ जाये,
तो बस मित्रों की संख्या बढ़ जाती है।

जीवन के खेल में नैतिकता वैसे ही
ज़रूरी होती है जैसे वजीर शतरंज
के खेल में बचा कर रखा जाता है,
इनके जाते ही सर्वनाश हो जाता है।

बाँसुरी में कई छेद क्रम से होते हैं,
और वह अंदर से खोखली होती है,
पर बाँसुरी से संगीत श्रवण होता है,
हमारा जीवन बाँसुरी जैसा होता है।

आदित्य मानव जीवन में जब प्रकृति
के सभी सामाजिक, नैसर्गिक व
नैतिक नियमों का पालन होता है,
तब सुचारू पूर्वक आगे बढ़ता है।

कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ

rkp@newsdesk

Recent Posts

निधन: विज्ञान, साहित्य, राजनीति और सिनेमा के अमर नाम

2 फ़रवरी को हुए ऐतिहासिक निधन: विज्ञान, साहित्य, राजनीति और सिनेमा के अमर नाम प्रस्तावनाइतिहास…

2 hours ago

इतिहास के पन्नों में 2 फ़रवरी: जन्मे वे लोग जिन्होंने रचा नया युग

🔶 2 फ़रवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: इतिहास, योगदान और विरासत(महत्वपूर्ण इतिहास जन्म – विशेष…

3 hours ago

भारत और दुनिया की यादगार तारीख

✨ प्रस्तावना2 फरवरी का इतिहास विश्व और भारत दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है।…

3 hours ago

अंक ज्योतिष के अनुसार जानें करियर, धन, प्रेम और भविष्य

🔱 आज का मूलांक राशिफल: अंक ज्योतिष के अनुसार जानें करियर, धन, प्रेम और भविष्य…

4 hours ago

राशिफल : मेष से मीन तक जानें आपका दिन कैसा रहेगा

वैदिक ज्योतिष पर आधारित है, जिसमें ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार मेष से लेकर मीन…

4 hours ago

आज का दिन कितना शुभ? पंचांग से जानें पूरे दिन का फल

🪔 आज का पंचांग 2 फरवरी 2026: शुभ योग, राहुकाल, नक्षत्र और मुहूर्त की संपूर्ण…

4 hours ago