राष्ट्रीय संगोष्ठी में संग्रहालयों की भूमिका और आधुनिक तकनीकों पर मंथन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर द्वारा आयोजित “हमारे संग्रहालयः भारतीय ज्ञान का वातायन” विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी सह कार्यशाला का शुभारम्भ गुरुवार को यशोधरा सभागार में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कर कमलों से किया गया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. टंडन ने कहा कि संग्रहालय किसी देश की संस्कृति, इतिहास और सभ्यता को समझने का सशक्त माध्यम होते हैं। उन्होंने कहा कि यह संगोष्ठी प्रतिभागियों को संग्रहालयों के महत्व से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने संग्रहालय द्वारा युवाओं तक भारतीय संस्कृति और विरासत पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. देव प्रकाश शर्मा, पूर्व निदेशक, भारत कला भवन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने “राष्ट्रवाद एवं संग्रहालय” विषय पर व्याख्यान देते हुए संग्रहालयों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न प्रमुख संग्रहालयों की जानकारी भी साझा की।
द्वितीय मुख्य वक्ता प्रो. अमिता कन्नौजिया, विभागाध्यक्ष, जीवविज्ञान विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय ने डॉ. एस.सी. बाग संग्रहालय के संग्रह पर विस्तृत जानकारी दी और कई विलुप्त प्रजातियों पर चर्चा की।
तृतीय मुख्य वक्ता अशोक कुमार उपाध्याय, वरिष्ठ विरासत संरक्षक, लखनऊ ने कागज एवं ताड़पत्र के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए हस्तनिर्मित कागज बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया, जिसमें प्रतिभागियों ने विशेष रुचि दिखाई।
चतुर्थ मुख्य वक्ता डॉ. संघर्ष राव, वैज्ञानिक, रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन्स सेंटर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश ने रिमोट सेंसिंग, जीआईएस मैपिंग, 3डी स्कैनिंग और ड्रोन इमेजिंग के माध्यम से ऐतिहासिक स्थलों के अध्ययन की जानकारी दी।

कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए डॉ. यशवंत सिंह राठौर, उप निदेशक, राजकीय बौद्ध संग्रहालय ने बताया कि इस दो दिवसीय संगोष्ठी में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार से लगभग 150 प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि समापन सत्र 20 मार्च 2026 को आयोजित होगा, जिसमें प्रमाण-पत्र वितरण किया जाएगा। समापन सत्र के मुख्य अतिथि महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव होंगे। उद्घाटन सत्र का संचालन आकाशवाणी की वरिष्ठ कलाकार रीता श्रीवास्तव ने किया।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

तकनीकी शिक्षा से प्रशासनिक नेतृत्व तक, देवरिया के नए डीएम की प्रेरक कहानी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)को नया जिलाधिकारी मिल गया है। वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी…

5 hours ago

देवरिया से मुरादाबाद तक प्रशासनिक बदलाव, सरकार ने जारी की तबादला सूची

कई जिलों के डीएम बदले, शासन स्तर पर भी तबादले लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर…

5 hours ago

दक्षिण भारत में चुनावी भूचाल, तमिलनाडु से बंगाल तक बदले समीकरण

तमिलनाडु में बदलेगा सत्ता का समीकरण? विजय की एंट्री से द्रविड़ राजनीति में नई हलचल,…

6 hours ago

महराजगंज: टप्पेबाज गैंग का पर्दाफाश, दो शातिर महिलाएं गिरफ्तार, जेवरात बरामद

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जिले के घुघली थाना क्षेत्र में टप्पेबाजी की बढ़ती घटनाओं…

6 hours ago

मानव जीवन: सृष्टि का सर्वोच्च उपहार या भटकती चेतना का आईना?

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आज के दौर में जब भौतिक उपलब्धियों की अंधी दौड़ तेज…

6 hours ago

मथुरा से बरगी तक : कब जागेगा प्रशासन, कितनी और जानें जाएंगी?

मथुरा डैम त्रासदी से सीख नहीं : बरगी डैम हादसा प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर संकेत…

19 hours ago