ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी; सुप्रीम कोर्ट तक मार्च से पहले राजधानी में हाई अलर्ट
दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राजधानी दिल्ली में सोमवार, 12 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के प्रस्तावित विरोध मार्च को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। मेट्रो के छह प्रमुख स्टेशनों पर सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक प्रवेश और निकास बंद रखने का फैसला लिया गया है, जबकि राजधानी में 30 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की खबर है। इस घटनाक्रम ने चुनावी प्रक्रिया, संवैधानिक संस्थाओं और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
मेट्रो के छह स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले जान लें व्यवस्था
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि सुरक्षा कारणों से सोमवार सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट बंद रहेगी। प्रभावित स्टेशनों में राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, पटेल चौक, जनपथ, मंडी हाउस और बाराखंभा रोड शामिल हैं। इस फैसले से मध्य दिल्ली में आवाजाही करने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा की योजना पहले से बनाएं और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
ITO और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। पुलिस के मुताबिक, सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ITO और आसपास के इलाकों में यातायात प्रतिबंध तथा डायवर्जन लागू रहेंगे। डीडीयू मार्ग पर प्रस्तावित प्रदर्शन के कारण इन इलाकों में जाम की स्थिति बन सकती है। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से धैर्य बनाए रखने, यातायात नियमों का पालन करने और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च से पहले सुरक्षा का अभेद्य घेरा
INDIA ब्लॉक के प्रस्तावित मार्च से पहले बाराखंभा रोड, मंडी हाउस और सुप्रीम कोर्ट के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को भी तैनात किया गया है। राजधानी में लगातार तीसरे दिन हाई अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क हैं। भारी पुलिस बल की तैनाती और मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी से साफ है कि प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखना चाहता है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक पीछे नहीं हटेंगे: भूपेंद्र सिंह हुड्डा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली में बार-बार गड़बड़ियां सामने आई हैं। हुड्डा के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं और विपक्ष अब पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि, निर्वाचन आयोग और संबंधित पक्षों की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया को लेकर स्थिति अलग हो सकती है।
फॉर्म-6 और SIR पर कांग्रेस सांसद ने उठाए सवाल
INDIA ब्लॉक के मार्च और पुलिस बैरिकेडिंग के बीच कांग्रेस सांसद गद्दम वामसी कृष्णा ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं का समर्थन हासिल करने में असफल हो रही है। उन्होंने फॉर्म-6 और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद का आरोप है कि इस प्रक्रिया से नए मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष ने साफ किया है कि वह मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा। ये आरोप राजनीतिक दलों के हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
CJI सूर्यकांत ने मुलाकात को लेकर क्या कहा?
विरोध मार्च के बीच मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत का बयान भी चर्चा में है। विपक्षी नेताओं की मुलाकात की मांग पर उन्होंने कहा कि उन्हें रविवार को मिलने के अनुरोध वाला पत्र मिला था और उन्होंने सोमवार रात ही जवाब देकर मुलाकात नहीं कर पाने की वजह बता दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। इस बयान के बाद विपक्ष की मांग और न्यायपालिका तक अपनी बात पहुंचाने के प्रयास को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
कांग्रेस का पोस्टर: ‘अपने वोट के लिए खड़े हों’
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्टर साझा कर लोगों से अपने मताधिकार और देश के लिए आवाज उठाने की अपील की है। पोस्टर के साथ पार्टी ने लिखा, “अपने वोट के लिए खड़े हों। अपने देश के लिए खड़े हों।” कांग्रेस इस अभियान के जरिए मतदाता सूची, चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की कोशिश कर रही है।
सुक्खू बोले- संवैधानिक संस्थाओं को सौंपा जाएगा ज्ञापन
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि INDIA ब्लॉक ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस दौरान संवैधानिक संस्थाओं को ज्ञापन सौंपने की बात कही गई है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष पहले भी राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर देश में लोकतंत्र कमजोर होने का मुद्दा उठा चुका है। सुक्खू ने राहुल गांधी द्वारा करीब दो साल पहले इस विषय पर आवाज उठाने का भी उल्लेख किया। विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
डीके शिवकुमार ने भी उठाए सवाल
चेन्नई में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने INDIA ब्लॉक के नेताओं को CJI जस्टिस सूर्यकांत से मुलाकात का समय नहीं मिलने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश के लोगों की आवाज सुनी जानी चाहिए। शिवकुमार ने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग से मुलाकात नहीं हो पाती, तो प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप कर यह पूछना चाहिए कि लोगों को क्या परेशानी है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में विपक्ष के पास CJI से मिलने का अनुरोध करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। शिवकुमार ने यह आरोप भी लगाया कि इस मुद्दे पर अदालतों ने हस्तक्षेप नहीं किया है।
वोट, लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर टिकी निगाहें
दिल्ली में INDIA ब्लॉक का यह विरोध प्रदर्शन केवल राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। इसके केंद्र में मतदाता सूची, चुनावी पारदर्शिता, मुख्य निर्वाचन आयुक्त की जवाबदेही और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका जैसे गंभीर मुद्दे हैं। एक ओर विपक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर राजधानी में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि प्रदर्शन के दौरान विपक्ष अपनी मांगों को किस तरह आगे बढ़ाता है और संबंधित संस्थाओं की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
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