नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच जारी विवाद अब सड़क तक पहुंचने वाला है। नई दिल्ली में बुधवार को हुई INDIA गठबंधन की बैठक के बाद विपक्षी दलों ने देशव्यापी आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मुताबिक, 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। वहीं 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे।
बैठक में करीब 19-20 विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जबकि कुछ नेता वर्चुअल माध्यम से जुड़े। चर्चा का प्रमुख मुद्दा SIR, मतदाता सूची में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता रहा। विपक्षी दलों ने इन मुद्दों पर साझा अभियान चलाने पर सहमति जताई।
खड़गे ने बैठक में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक के मत का समान महत्व है। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम हटाया जाता है तो उसे इसकी जानकारी, कारण और आपत्ति या अपील का प्रभावी अवसर मिलना चाहिए।
INDIA गठबंधन ने आगामी चुनावों में SIR से पहले तैयार मतदाता सूची के इस्तेमाल की मांग भी उठाई है। इसके अलावा निर्वाचन क्षेत्र और बूथ स्तर पर मतदाता सूची में हुए बदलावों से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। विपक्षी दलों ने प्रशासनिक स्तर की कमियों के कारण पात्र मतदाताओं के नाम हटने से रोकने और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया आसान बनाने की भी मांग रखी है।
बैठक में विपक्ष की ओर से बैलेट पेपर से मतदान की मांग भी दोहराई गई। EVM को लेकर विपक्षी दल पहले से सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग की ओर से चुनावी मशीनों के लिए निर्धारित सुरक्षा और सत्यापन व्यवस्था होने की बात कही गई है।
SIR को लेकर चुनाव आयोग ने भी हाल में कई कदम उठाए हैं। आयोग ने ECINET सॉफ्टवेयर की समीक्षा के लिए वरिष्ठ निर्वाचन अधिकारी और स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञ को शामिल करते हुए समिति गठित करने की जानकारी दी है। आयोग के मुताबिक, इसका उद्देश्य यह जांचना है कि सॉफ्टवेयर चुनाव संबंधी कानूनों और नियमों के अनुरूप काम कर रहा है या नहीं।
दिल्ली में मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख भी बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। दावों और आपत्तियों के निस्तारण की समयसीमा 30 नवंबर तक बढ़ाई गई है, जबकि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को प्रकाशित की जानी है।
इस बीच INDIA गठबंधन ने अपने आंदोलन को मतदाता अधिकार, चुनावी पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही से जोड़ते हुए चरणबद्ध कार्यक्रम की घोषणा की है। 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले ‘लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रम और 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक प्रस्तावित मार्च के कारण आने वाले दिनों में SIR को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने के आसार हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं।
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