श्री नगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जम्मू-कश्मीर की गर्मियों की राजधानी श्रीनगर का प्रमुख पर्यटन स्थल डल झील एक बार फिर सुर्खियों में है। झील संरक्षण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (LCMA) की टीम ने सफाई अभियान के दौरान झील से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दागे गए शैल का अवशेष बरामद किया। टीम ने इस मलबे को तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सौंप दिया, जहाँ इसे सुरक्षा एजेंसियों की आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए सुरक्षित रखा गया है।
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जानकारी के मुताबिक, 10 मई 2025 को श्रीनगर में जोरदार धमाकों की गूंज सुनाई दी थी, जब मिसाइल जैसी एक वस्तु डल झील की गहराई में आकर गिरी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने उस वक्त झील की सतह से धुआं उठते हुए देखा था। इसके बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत झील से मलबा निकालने का अभियान चलाया था। उसी दिन श्रीनगर के बाहरी इलाके लासजान से भी एक संदिग्ध वस्तु बरामद की गई थी।
ये घटनाएं ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा थीं, जिसे 7 मई को पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था। उस आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। जवाबी कार्रवाई में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचों और हवाई अड्डों पर लक्षित हमले किए। इसके बाद पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों से जवाब देने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने उन्हें विफल कर दिया। इस बीच, सीमा पार से भारी गोलाबारी भी हुई, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए।
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डल झील से मिला यह शैल अवशेष न सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर की तीव्रता का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि श्रीनगर और इसके आसपास सुरक्षा बल लगातार चौकसी बरत रहे हैं। इस बरामदगी के बाद स्थानीय प्रशासन ने झील क्षेत्र में सुरक्षा और सख्त कर दी है।
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