बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
नए वर्ष के पहले दिन मंगला भवानी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अहले सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचकर मां मंगला भवानी के दर्शन कर नववर्ष के मंगलमय होने की कामना करते नजर आए।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गईं, वहीं भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई। पुलिस बल के साथ-साथ होमगार्ड और स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई थी, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया। गाजीपुर की तरफ जाने वाली बड़ी गाड़ियों को एहतियातन रोक दिया गया, ताकि जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। वहीं सुबह 10 बजे से छोटी गाड़ियों को भी ग्रीन फील्ड की ओर डायवर्ट कर दिया गया। इससे मंदिर मार्ग पर वाहनों का दबाव कम हुआ और श्रद्धालुओं को पैदल आवागमन में सुविधा मिली।
यातायात पुलिस लगातार माइक के माध्यम से लोगों को दिशा-निर्देश देती रही। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा तय किए गए मार्गों का ही प्रयोग करें और सहयोग बनाए रखें। मंदिर के आसपास अस्थायी पार्किंग स्थलों की व्यवस्था भी की गई थी, जहां छोटे वाहनों को खड़ा कराया गया। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा की भी व्यवस्था की गई थी। मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि हर साल की तरह इस वर्ष भी नए साल के अवसर पर भक्तों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। देर शाम तक भीड़ बने रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। कुल मिलाकर साल के पहले दिन मंगला भवानी मंदिर में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रशासनिक सतर्कता और सहयोग के चलते दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रही।
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के व्यस्ततम चौराहों में शामिल शिकारपुर चौराहा पर अतिक्रमण और…
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय उद्योग बंधु बैठक में जिलाधिकारी…
24 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ24 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ विश्व इतिहास में राजनीतिक, वैज्ञानिक और…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में “मेन्टल हेल्थ चैलेंजेज एन्ड साइकोलॉजिकल वेल…
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में जनवरी 2026 के अनुपूरक पुष्टाहार वितरण को लेकर सभी…
कविता की रचना जब कोई कविअपनी कल्पना में जाकर करता है,यदि पाठक रचना में गलती…