इंदिरा गांधी की हत्या से लेकर राष्ट्रीय एकता दिवस तक, जानिए आज की बड़ी घटनाएं

लेखक: अभिषेक कुमार

इतिहास के पन्नों में 31 अक्टूबर की तारीख कई ऐसी घटनाओं को समेटे हुए है, जिन्होंने भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की दिशा और दशा को प्रभावित किया। इसी दिन भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। वहीं, यह दिन राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में भी मनाया जाता है, जो देश की अखंडता और एकजुटता का संदेश देता है।
विश्व इतिहास में भी 31 अक्टूबर का विशेष महत्व है। इस दिन प्राकृतिक आपदाओं ने हजारों जिंदगियां लील लीं, युद्धों ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित किया और खेल जगत में भारतीय तैराक मिहिर सेन ने अपनी उपलब्धि से देश का नाम रोशन किया। आइए, जानते हैं 31 अक्टूबर की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जिन्होंने इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ी।
31 अक्टूबर की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
1759: फिलिस्तीन के साफेद में आए भूकंप में लगभग 100 लोगों की मौत हुई।
1864: नेवादा अमेरिका का 36वां राज्य बना।
1905: रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में क्रांतिकारी गतिविधियों और प्रदर्शनों का दौर तेज हुआ।
1908: लंदन में चौथे ओलंपिक खेलों का समापन हुआ।
1914: प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन और फ्रांस ने उस्मानी साम्राज्य के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की।
1920: रोमानिया ने बेसाराबिया पर अपना नियंत्रण स्थापित किया। इस क्षेत्र की स्थिति उस समय यूरोपीय राजनीति का अहम मुद्दा थी।
1953: बेल्जियम में टेलीविजन प्रसारण की शुरुआत हुई।
1956: स्वेज संकट के दौरान ब्रिटेन और फ्रांस ने मिस्र पर हवाई हमले शुरू किए। स्वेज नहर पर नियंत्रण को लेकर पैदा हुआ यह संघर्ष अंतरराष्ट्रीय राजनीति की बड़ी घटना बना।
1959: सोवियत संघ और मिस्र ने नील नदी पर अस्वान बांध के निर्माण के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए।
1960: बंगाल की खाड़ी में आए भीषण चक्रवाती तूफान से हजारों लोगों की जान गई। कुछ ऐतिहासिक विवरणों में मृतकों की संख्या करीब 10 हजार बताई जाती है।
1966: भारत के प्रसिद्ध लंबी दूरी के तैराक मिहिर सेन ने पनामा नहर को तैरकर पार किया और अपनी असाधारण क्षमता का परिचय दिया।
1978: ईरान में तेल कर्मचारियों की हड़ताल शुरू हुई। इसी वर्ष यमन में संविधान अपनाए जाने का उल्लेख भी मिलता है।
1982: पोप जॉन पॉल द्वितीय की स्पेन यात्रा कैथोलिक चर्च के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल रही।
1984: भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो अंगरक्षकों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया। इसके बाद राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद संभाला।
1989: तुर्गुत ओजल तुर्की के राष्ट्रपति चुने गए।
1996: रासायनिक हथियार प्रतिबंध संधि को लागू करने के लिए आवश्यक देशों की मंजूरी पूरी हुई। यह संधि रासायनिक हथियारों के विकास, उत्पादन और इस्तेमाल पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम थी।
2003: हैदराबाद में आयोजित एफ्रो-एशियन हॉकी चैंपियनशिप में भारत ने पाकिस्तान को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसी दिन मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने सत्ता की जिम्मेदारी अपने उत्तराधिकारी अब्दुल्ला अहमद बदावी को सौंपी। इसके साथ महाथिर के लगभग 22 वर्ष लंबे शासन का अंत हुआ।
2004: इराक के फालुजा शहर में अमेरिकी हवाई हमले हुए। यह शहर उस समय इराक युद्ध के प्रमुख संघर्ष क्षेत्रों में शामिल था।
2005: फिलिस्तीन और इजरायल के बीच हिंसा रोकने को लेकर सहमति की खबरें सामने आईं। इसी दौरान रूस ने वोल्कर रिपोर्ट को लेकर संदेह जताया और चीन तथा नेपाल सीमा के संयुक्त निरीक्षण पर सहमत हुए।
2006: श्रीलंका सरकार ने तमिल विद्रोहियों पर जाफना प्रायद्वीप में सैनिकों पर गोलीबारी करने का आरोप लगाया। उस समय श्रीलंका लंबे समय से चले आ रहे गृहयुद्ध से जूझ रहा था।
2008: भारत में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराने से संबंधित शिक्षा के अधिकार विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली। आगे चलकर शिक्षा का अधिकार कानून बच्चों की बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बना।
2015: रूस की विमानन कंपनी कोगलीमाविया का विमान 9268 मिस्र के उत्तरी सिनाई क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार सभी 224 लोगों की मौत हो गई। यह घटना आधुनिक विमानन इतिहास की दुखद घटनाओं में शामिल है।
31 अक्टूबर क्यों है खास? राष्ट्रीय एकता दिवस
भारत में 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उन्हें भारत की रियासतों के एकीकरण और राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत करने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के कारण लौह पुरुष कहा जाता है।
सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए इस दिन देशभर में एकता दौड़, शपथ ग्रहण कार्यक्रम और विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस हमें याद दिलाता है कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता, आपसी सद्भाव और एकजुटता में निहित है।
इतिहास से मिलने वाली सीख
31 अक्टूबर की घटनाएं हमें बताती हैं कि इतिहास केवल बीते समय का विवरण नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य को समझने का माध्यम भी है। इंदिरा गांधी की हत्या जैसी दुखद घटना लोकतंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा की संवेदनशीलता को सामने लाती है। मिहिर सेन की उपलब्धि मेहनत और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा देती है, जबकि राष्ट्रीय एकता दिवस देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संदेश देता है।
इतिहास की इन घटनाओं को जानना इसलिए जरूरी है, क्योंकि अतीत की सीख ही बेहतर भविष्य की नींव तैयार करती है।
लेखक: अभिषेक कुमार

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