देहरादून/चमोली (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तराखंड के पहाड़ों में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे ने बदरीनाथ धाम से लौट रहे श्रद्धालुओं की यात्रा को मातम में बदल दिया। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) के पास निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट समेत सभी छह लोगों की जान चली गई। मृतकों में कर्नाटक के पांच श्रद्धालु शामिल हैं। घटना की खबर सामने आते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना पर गहरा दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के मुताबिक, ज्योतिर्मठ में तैनात सेना की सिग्नल टीम ने हेलीकॉप्टर से धुआं उठते और उसे नीचे की ओर आते देखा। इसकी सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। चमोली जिला प्रशासन ने पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की संयुक्त टीमों को तलाशी एवं बचाव अभियान के लिए रवाना किया। गोपेश्वर से ड्रोन टीम भी खोज अभियान में जुटी।
काफी मशक्कत के बाद दुर्घटनास्थल पर हेलीकॉप्टर का मलबा मिला। उसके आसपास सभी छह यात्रियों के शव बरामद किए गए। हालांकि, दुर्गम रास्ते और अंधेरा होने के कारण शवों को शुक्रवार रात वापस लाना संभव नहीं हो सका। प्रशासन के अनुसार, शवों को शनिवार को दुर्घटनास्थल से लाने की व्यवस्था की जाएगी।
मृतकों की पहचान दिल्ली निवासी पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल (48) और बेंगलुरु निवासी प्रताप (41), अरुण सालुंके (44), वी. बी. शंकर गौड़ा (39), सुधीर के. (50) तथा एच. एस. नटराजा (51) के रूप में हुई है। एक धार्मिक यात्रा पर निकले पांच श्रद्धालुओं और उन्हें ले जा रहे पायलट की मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
हादसे के बाद उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने एहतियाती कदम उठाते हुए ट्रांस भारत कंपनी के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की टीमें देहरादून पहुंच रही हैं। इसके बाद दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे के पीछे तकनीकी खराबी, पायलट से जुड़ी कोई चूक या मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां जिम्मेदार थीं। घटना के समय आसमान में बादल छाए होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन दुर्घटना की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने चमोली जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने और राहत एवं बचाव से जुड़ी व्यवस्थाएं तत्परता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हादसे के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कराने को भी कहा है।
अब जांच पर टिकी निगाहें: छह लोगों की जान लेने वाले इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि पहाड़ी क्षेत्र में उड़ान के दौरान आखिर क्या हुआ? जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से ही दुर्घटना की परिस्थितियों और संभावित कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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