बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अब रेलवे स्टेशनों पर खानपान दुकानदारों और वेंडरों को क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र जारी करने का निर्णय लिया है। बिना पहचान पत्र के कोई भी दुकानदार या वेंडर रेलवे स्टेशन अथवा ट्रेनों में सामान नहीं बेच पाएगा। रेल प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को लंबे समय से खानपान सामग्री की गुणवत्ता और अवैध वेंडरों की मौजूदगी को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए अब अधिकृत विक्रेताओं को ही क्यूआर कोड वाला आईडी कार्ड दिया जाएगा। इस कार्ड को स्कैन करते ही संबंधित विक्रेता का नाम, आधार संख्या, चिकित्सकीय फिटनेस, पुलिस सत्यापन तिथि, तैनाती इकाई और लाइसेंसधारक का पूरा विवरण मिल जाएगा। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र के सामान बेचते पकड़े जाने वाले दुकानदारों और वेंडरों पर कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं, यदि कोई कर्मचारी या सहायक नौकरी छोड़ता है तो उसका पहचान पत्र संबंधित लाइसेंसधारक को वापस करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक स्टेशन पर तैनात सभी अधिकृत वेंडरों का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज रहेगा।
रेलवे का मानना है कि इस कदम से यात्रियों को बेहतर गुणवत्ता वाला खानपान उपलब्ध होगा और अवैध वेंडिंग पर अंकुश लगेगा। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह व्यवस्था सभी बड़े व छोटे स्टेशनों पर लागू कर दी जाएगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे केवल उन्हीं दुकानदारों और वेंडरों से सामान खरीदें जिनके पास क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र मौजूद हो।
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