गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ ‘तरंग’ की ओर से अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर 24 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाले कवि सम्मेलन के लिए विश्वविद्यालय के नौ प्रतिभाशाली विद्यार्थी कवियों का चयन किया गया है।
कवि सम्मेलन के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। प्रतिभागी विद्यार्थियों को अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व, कृतित्व, राष्ट्रभाव और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित स्वरचित कविता का पाठ प्रस्तुत करना था। प्राप्त 25 प्रविष्टियों में से विषयवस्तु, भावाभिव्यक्ति, काव्य-शैली, भाषा सौष्ठव और प्रस्तुति के आधार पर नौ विद्यार्थियों को मुख्य कवि सम्मेलन के लिए चयनित किया गया।
24 दिसंबर को आयोजित होने वाले मुख्य कवि सम्मेलन में प्रख्यात कवि सलीम कैसर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन करेंगी।
चयन प्रक्रिया में निर्णायक मंडल की भूमिका में तरंग समिति से जुड़े विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. गौरीशंकर चौहान, डॉ. प्रदीप साहनी, डॉ. गरिमा सिंह, डॉ. प्रियंका गौतम और डॉ. कुलदीपक शुक्ल शामिल रहे। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और साहित्यिक चेतना की सराहना की।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अमोद कुमार राय ने बताया कि यह आयोजन केवल साहित्यिक मंच नहीं, बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, राष्ट्रभाव और लोकतांत्रिक मूल्यों से युवाओं को जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रकोष्ठ ‘तरंग’ की निदेशक प्रो. उषा सिंह ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं को अभिव्यक्ति का अवसर देने के साथ भारतीय काव्य परंपरा को भी समृद्ध करते हैं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शोधार्थी, छात्र-छात्राएँ और साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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