स्वयं से प्रश्न करोगे तो सारे
प्रश्नों के उत्तर मिल जाते हैं,
यदि औरों से प्रश्न क़रोगे तो
नये नये प्रश्न खड़े हो जाते हैं।
ग़लत राह में दौड़ लगाने से अच्छा,
सरल मार्ग में धीरे धीरे ही चलना,
इससे मंज़िल सुगम्य हो जाती है,
होता है सरल गंतव्य प्राप्त करना।
ज़्यादा झुक कर रहने से तो यह
दुनिया पैरों तले कुचल देती है,
पेट में लात मारने से न चूकती है,
जीवन में कुछ तो ग़ुरूर ज़रूरी है।
एक हारा हुआ इंसान फिर से
जीत हासिल कर सकता है,
पर मन से हारा हुआ इंसान,
कभी जीत नहीं पा सकता है।
सब कुछ सीख लेना ज्ञान नहीं,
कुछ नज़रंदाज़ करना ज़रूरी है,
आदित्य आत्मविश्वास हमारी
प्रेरणा और सर्व श्रेष्ठ पूँजी है।
डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’
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