आगरा(राष्ट्र की परम्परा)
पहले सूर्य मिशन आदित्य-एल 1 के सफल प्रक्षेपण के लिए इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई / शुभकामनायें व्यक्त करते हुये राष्ट्रवादी चिंतक एवं समाजसेवी अरविन्द पुष्कर एडवोकेट ने कहा कि भविष्य में अंतरिक्ष अनुसंधान की आवश्यकता को देखते हुये ही इसरों की नींव रखी गयी थी। यह इसरों की पूरी टीम की कड़ी मेहनत का ही परिणाम हैं कि आज़ नया भारत पुरे विश्व में अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में नित नये – नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा हैं। सूर्य की ओर जाना दुनियां के लिए अब तक असंभव था, लेकिन हमारे वैज्ञानिकों और इंज़ीनियारों ने इसे संभव कर दिखाया हैं। क्योंकि यह नया भारत हैं और जिसकी भुजाए मंगल, चन्द्रमा और सूर्य तक फैली हुई हैं। यह नये भारत को दुनियां की महाशक्ति बनने की दिशा में बड़ा कदम हैं। जो इतिहास रचा गया हैं, वह 140 करोड़ भारतीयों के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं। यह सफलता हमारे वैज्ञानिक समुदाय की जबरदस्त प्रतिभा और कड़ी मेहनत का परिणाम हैं। इसीलिए भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम नयी नयी उचाईयों को छू रहा हैं, और नये सपने देखने वाली युवा पीढ़ी को प्रेरित कर रहा हैं। मुझे पूरी उम्मीद हैं कि यह मिशन अपने मानवीय उद्देश्यों में निश्चित ही सफल होगा। यह नये भारत के सामर्थ्य और शक्ति का सशक्त प्रदर्शन हैं। मैं इसरों के वेज्ञानिकों और इंजीनियरों को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए बधाई देता हूँ।
बेंगलुरु (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को उन सेवानिवृत्त न्यायाधीशों…
जयपुर। (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राजस्थान विधानसभा के पूर्व सदस्य…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के यूजीसी–मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (MMTTC)…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा) । विद्यार्थियों की सुरक्षा, गरिमा एवं अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य…
संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश, ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ अभियान 1 से 30…
अहमदाबाद(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) वस्त्रापुर स्थित अंधजन मंडल परिसर में शनिवार को "प्रज्ञाचक्षु टेलेन्ट सर्च"…