संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव ने बताया है कि फसल कटाई के बाद भंडारण में होने वाली क्षति को कम करने के लिए सुरक्षित अन्न भंडारण के उपाय करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि असुरक्षित भंडारण में कीड़े, कृन्तक, सूक्ष्मजीवों आदि के कारण फसल कटाई के बाद होने वाली क्षति खाद्यान्न की लगभग 10 प्रतिशत होता है।
डॉ. यादव ने बताया कि भंडारण में कीटों के प्रकोप का प्रमुख कारण नमी, ऑक्सीजन की उपलब्धता और तापक्रम है। उन्होंने बताया कि भंडारित अन्न में यदि 10 प्रतिशत से अधिक नमी होती है, तो कीटों की संख्या बढ़ने लगती है और अनाज में फफूंद भी तेजी से बढ़ती है।
डॉ. यादव ने सुरक्षित अन्न भंडारण हेतु सुझाव देते हुए बताया कि फसल की कटाई से लेकर भण्डारण कक्ष तक पूर्ण सावधानी बरतते हुए अनाज को लाना चाहिए।
भंडारण गृह, कुठला, भंडारण गृह की भलीभांति सफाई एवं मरम्मत करा लेना चाहिए और भंडारण से पूर्व भंडारण गृह, कुठला बखारी आदि का मैलाथियान 50 प्रतिशत ई०सी० की 1ः100 के अनुपात में घोल बनाकर 3 मीटर प्रति 100 वर्ग मीटर की दर से फर्श, दीवार एवं छत पर छिड़काव करना चाहिए।
इसके अतिरिक्त अनाज को कड़ी धूप में सूखा लेना चाहिए, जिससे अनाज में 10 प्रतिशत से अधिक नमी न रह जाए।
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