राष्ट्रीय मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना स्व जाकिर हुसैन ने की- ओमकार सिंह

बदायूँ(राष्ट्र की परम्परा)
परशुराम चौक स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय पर गुरुवार 8 फरवरी 2024 को जिला उपाध्यक्ष गौरव सिंह राठौर एवं एससीएसटी विभाग जिलाध्यक्ष मुन्नेन्द्र कन्नौजिया के सयुक्त नेतृत्व में, डॉक्टर जाकिर हुसैन की पूर्व राष्ट्रपति स्व जाकिर हुसैन की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर मुख्यवक्ता जिला प्रवक्ता प्रदीप सिंह रहे। उपस्थित कांग्रेसजनों को जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ओमकार सिंह ने फ़ोन के माध्यम से संबोधित किया उन्होंने स्व जाकिर हुसैन की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, जाकिर हुसैन खान का जन्म 8 फरवरी, 1897 को मध्य भारत के हैदराबाद राज्य में हुआ था। वह एक भारतीय अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने 13 मई, 1967 से 3 मई, 1969 को अपनी मृत्यु तक भारत के तीसरे राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। हुसैन की प्रारंभिक प्राथमिक शिक्षा हैदराबाद में पूरी हुई। उन्होंने इस्लामिया हाई स्कूल, इटावा से हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की और फिर लखनऊ विश्वविद्यालय के क्रिश्चियन डिग्री कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद, वह मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज चले गए, जो फिर इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध था, जहां वह एक प्रमुख छात्र नेता थे। उन्होंने आगे कहा जब जाकिर हुसैन 23 वर्ष के थे, तब उन्होंने छात्रों और शिक्षकों के एक समूह के साथ राष्ट्रीय मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना की, जिसे आज जामिया मिलिया इस्लामिया (एक केंद्रीय विश्वविद्यालय) के रूप में जाना जाता है। हुसैन के नेतृत्व में, जामिया भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से निकटता से जुड़ गया। उन्होंने पहले 1957 से 1962 तक बिहार के राज्यपाल और 1962 से 1967 तक भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था। जर्मनी में रहते हुए, हुसैन ने यकीनन सबसे महान उर्दू कवि मिर्ज़ा असदुल्लाह खान “ग़ालिब” (1797-1868) के संकलन को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ), उन्हें 1963 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वह 13 मई, 1967 को चुने गए भारत के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति थे और 3 मई, 1969 को कार्यालय में मरने वाले पहले भारतीय राष्ट्रपति थे। उन्हें जामिया मिलिया के परिसर में उनकी पत्नी (जिनकी कुछ साल बाद मृत्यु हो गई) के साथ दफनाया गया था। इस अवसर पर मुख्यवक्ता प्रदीप सिंह ने कहा भारत को स्वतंत्रता दिलाने एवं स्वतंत्रता उपरांत एक सशक्त भारत की बुनियाद रखने में कई महापुरुषों का योगदान है। इन महापुरुषों में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ ज़ाकिर हुसैन का नाम अग्रणी पंक्ति में शुमार हैं। गुरुवार 8 फरवरी को डॉ जाकिर हुसैन की जयंती है। इस अवसर पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। इस अवसर पर जिलाउपाध्यक्ष गौरव सिंह राठौर एवं एससीएसटी विभाग अध्यक्ष मुन्नेन्द्र कन्नौजिया ने कहा महान शिक्षाविद, अर्थशास्त्री एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न डॉ. जाकिर हुसैन की जन्म जयंती पर कोटिशः नमन करते है। सामाजिक न्याय एवं एकता के लिए किये गए उनके कार्य एवं शिक्षा के माध्यम से आधुनिक भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को देश सदैव स्मरण रखेगा। जिला महासचिव इखलास हुसैन सहित समस्त कांग्रेसियों ने उनके चित्र पर मालार्पण कर पुष्प अर्पित किये। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव इखलास हुसेन ने किया।

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