एक सपना जो कभी हक़ीक़त होगा
——XXXXX——
सपने मे मैंने मृत्यु को करीब से देखा,
कफ़न ओढ़ा अपना तन जलते देखा,
लोग खड़े हाथ बांधे एक पंक्ति जैसे,
कुछ उदास व कुछ दिखे परेशान से।

पर कुछ छुपा रहे अपनी मुस्कान थे,
दूर खड़ा देख रहा मैं ये सारा मंजर था,
तभी किसी ने हाथ में मेरा हाथ थामा,
देखा चेहरा उसका, मैं बड़ा हैरान था।

हाथ थामने वाला मेरा भगवान था,
चेहरे पर मुस्कान और पदनग्न था,
देखा मैंने उनकी ओर जिज्ञासा से,
और पूछना चाहा बहुत कुछ उनसे।

तो हँस कर बोले वे कि तूने हर दिन,
दो घड़ी ही सही, जपा मेरा नाम था,
आज उसी क़र्ज़ को चुकाने आया हूँ,
तुझे अपनी चरण शरण देने आया हूँ।

रो दिया मैंने अपनी बेवक़ूफ़ियों पर,
तब यह सोच कर कि दो घड़ी जपा
जिसको, अंत में शरण देने आये हैं,
जिनमें हरपल रमा, श्मशान लाये हैं।

तभी खुली आँख मेरी, मैं सशरीर
और सही सलामत विद्यमान था,
कितना नादान था मैं आज तलक,
हकीकत से कितना अनजान था।

आदित्य मान उनका किया जाता है,
जो हमारे प्रेम भाव को समझते हैं,
ज्योति जलाओ, जहाँ जरूरत हो,
दीपक दिन में मायने नहीं रखते हैं।

कर्नल आदि शंकर मिश्र, आदित्य
लखनऊ

rkpnews@desk

Recent Posts

यूपी में आसमान से आफत! 60 घंटे में 56 मौतें, 117 मकान तबाह; बाढ़ के खतरे से कई जिले अलर्ट

यूपी में बारिश का कहर: 60 घंटे में 56 मौतें, 117 मकान क्षतिग्रस्त; कई जिलों…

11 minutes ago

साबरमती से एलएनजी ट्रेन को हरी झंडी, रेलवे के कायाकल्प पर अमित शाह ने गिनाईं उपलब्धियां

रेलवे में बदलाव पर अमित शाह का कांग्रेस पर निशाना, बोले- आंकड़ों के साथ चर्चा…

48 minutes ago

कमजोर परिवारों के बच्चों को बनाया निशाना, नामसाई में खुली तस्करी नेटवर्क की परतें

नामसाई में बाल तस्करी गिरोह का खुलासा, 47 बच्चों समेत 51 लोगों को बचायाबेहतर शिक्षा…

1 hour ago

कड़कती बिजली, तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश… फिर भी जलभराव देखने सड़क पर उतरे देवरिया डीएम

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जब पूरा शहर तूफानी बारिश से बचने के लिए घरों में…

5 hours ago