जय जगदंबे जय कात्यायनी माँ,
जगमाता सब जग की महारानी,
सब जग में है स्थान तुम्हारा माँ,
वरदात्री कात्यायनी तुम हो माँ।
नाम धाम हैं कई तुम्हारे माता,
सब स्थान सुखधाम तेरे हैं माँ,
ज्योति तुम्हारी घर मंदिर जलती,
योगेश्वरी की महिमा न्यारी माँ।
जगह जगह आरती करते माँ,
हर मंदिर में भक्त पधारें माँ,
कात्यायनी माँ रक्षक सबकी,
माया जाल मोह का काटें माँ।
झूठे फ़रेब छुड़ानेवाली माँ,
अपना नाम जपाने वाली माँ,
दिन प्रतिदिन माँ की पूजा करना,
ध्यान कात्यायनी माँ का धरना।
संकट दूर करेगी कात्यायनी माँ,
भंडारे भरपूर करेगी यह दुर्गा माँ,
आदित्य माँ को भक्त पुकार रहे,
कात्यायनी माँ सब कष्ट निवारे।
कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
देवरिया: रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी का मोबाइल…
NTA के गठन के 9 साल बाद भी निजी परीक्षा केंद्रों पर निर्भर व्यवस्था, कैबिनेट…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा…
भलुअनी(राष्ट्र की परम्परा)l बरहज विधानसभा के भलुअनी ब्लॉक के पोखरभीडा गाँव में चौहान टोले पर…
नशामुक्त भारत के लिए युवाओं से जुड़े प्रधानमंत्री, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में सुना गया वर्चुअल…