चंदौली (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के धानापुर कस्बे में दो दर्जन से अधिक परिवार प्लास्टिक की झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई बार आवेदन करने के बावजूद, उन्हें आवास नहीं मिल पाया है। अधिकारियों तक पहुंच न होने के कारण उनके नाम पात्रता सूची से काट दिए जाते हैं। धरकार बिरादरी की महिला आशा का कहना है कि उनके पास न तो जमीन है और न ही राशन कार्ड। उनके सामने कई लोगों को घर मिला, लेकिन उनका नंबर नहीं आया। जिम्मेदार अधिकारी हर बार अगली बार का आश्वासन देकर टाल देते हैं। अवही रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक दर्जन से अधिक परिवार टूटी-फूटी झोपड़ियों में रहते हैं। ये लोग बांस से दौरी, सूप और पंखा बनाकर या मजदूरी करके अपना पेट भरते हैं। कई बार मजदूरी नहीं मिलने पर पड़ोसियों से उधार लेना पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गरीबों को मुफ्त राशन और आवास देने का दावा करते हैं। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। खंड विकास अधिकारी विजय कुमार ने आश्वासन दिया है कि, जल्द ही इन परिवारों का सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को आवास योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। भूमिहीन लोगों को प्रधान और लेखपाल की मदद से जमीन आवंटित कर आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
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