मोहन सेतु निर्माण में कटान से रुकावट, 10 नए पीलर बनाने की तैयारी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद मऊ की मधुबन तहसील के देवारा क्षेत्र में सरयू नदी पर निर्माणाधीन मोहन सेतु नदी कटान की जद में आ गया है। पिछले तीन वर्षों में सरयू की धारा ने इलाके का भूगोल बदल दिया है। वर्तमान में सेतु से लगभग 150 मीटर दूर तक कटान हो चुका है, जिससे पहुंच मार्ग के निर्माण में गंभीर बाधा उत्पन्न हो गई है।

10 नए पायों और गाइड बांध की योजना

सेतु की सुरक्षा और स्थायित्व को देखते हुए अब 10 नए पायों (पीलर) के निर्माण और परवलयाकार गाइड बांध बनाने की तैयारी की जा रही है।
विधान परिषद में एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि नदी के प्रवाह की मॉडल स्टडी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के प्रो. जुल्फिकार अहमद से कराई गई। वर्ष 2025 की वर्षा ऋतु में नदी की धारा सेतु से लगभग 300 मीटर दूर बहती पाई गई।

प्रस्ताव के अनुसार, सेतु की लंबाई वर्तमान 1200.08 मीटर से बढ़ाकर 1512.23 मीटर की जाएगी।

परियोजना की पृष्ठभूमि

• वर्ष 2014 में सेतु निर्माण को स्वीकृति मिली थी।
• 2017 तक कार्य पूर्ण करने की समय सीमा तय थी, लेकिन धनाभाव से कार्य रुक गया।
• वर्ष 2022-23 में राज्य योजना के तहत 161.14 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई।
1. 123.87 करोड़ रुपये उप्र सेतु निगम को
2. 37.27 करोड़ रुपये लोक निर्माण विभाग को पहुंच मार्ग हेतु

सेतु निगम ने 1200.08 मीटर लंबाई में 39 पायों का निर्माण पूरा किया था।

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कटान से बढ़ी चुनौती

वर्ष 2023 से 2025 के बीच सरयू नदी ने बरहज घाट के पार परसिया देवार व विशुनपुर देवार के सामने करीब 130 मीटर तक कटान कर दिया। इससे 950 मीटर पहुंच मार्ग निर्माण प्रभावित हुआ है।

अब 10 नए पायों के निर्माण पर करीब 42 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा गया है। वहीं 650 मीटर पहुंच मार्ग और गाइड बांध निर्माण के लिए 157.06 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार हो रहा है।

विधायक ने सीएम से की मुलाकात

मधुबन विधानसभा के विधायक रामबिलास चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर निर्माण कार्य में तेजी लाने का अनुरोध किया है। विधायक के अनुसार मुख्यमंत्री ने शीघ्र कार्य पूर्ण कराने का आश्वासन दिया है।

अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि बढ़ती लागत और कटान की चुनौती के बीच मोहन सेतु का निर्माण कार्य कब तक पूरा हो पाएगा।

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Karan Pandey

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