मोदी सरकार को नेहरू द्वारा मौलाना आज़ाद को दिए गए सुझाव से सबक लेना चाहिए

आरएसएस द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम में कांग्रेस का न जाना स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों के अनुरूप-शाहनवाज आलम

लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा)
अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गाँधी द्वारा अयोध्या में आरएसएस और भाजपा आयोजित कार्यक्रम का निमंत्रण अस्वीकार करने को, स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और मूल्यों के अनुरूप बताया है।
कांग्रेस मुख्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में शाहनवाज़ आलम ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ही कांग्रेस धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल का विरोध करती रही है। मुस्लिम लीग और हिन्दू महासभा से, उसके विरोध का मुख्य आधार ही इन दलों द्वारा धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल किया जाना था। इसीलिए सुभाष चंद्र बोस ने कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर 1938 में यह नियम बना दिया था कि, मुस्लिम लीग और हिन्दू महासभा के सदस्य कांग्रेस के सदस्य नहीं बन सकते। सोनिया गांधी और खड़गे द्वारा आरएसएस और भाजपा द्वारा कराए जा रहे आयोजन में न जाने का निर्णय उसी परम्परा के अनुरूप है।शाहनवाज़ आलम ने कहा की सेकुलर राज्य व्यवस्था में संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का धार्मिक आयोजनों का नेतृत्व करना स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों के खिलाफ़ है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को आधुकनिक भारत के शिल्पकार पंडित जवाहर लाल नेहरू के उस प्रसंग से सीख लेनी चाहिए, जिसमें उन्होंने तुर्की दौरे पर जा रहे मौलाना आज़ाद के तुर्की के राष्ट्रपति को क़ुरान भेंट करने की योजना से असहमति जताते हुए उन्हें भारत का संविधान भेंट करने की सलाह दी थी। नेहरू का मत था कि धार्मिक ग्रंथों के बजाए हमारा संविधान वो सबसे विशिष्ट भेंट है जो हम दुनिया को दे सकते हैं।शाहनवाज़ आलम ने कहा कि आज जब शासकीय मशीनरी के दुरूपयोग से संविधान विरोधी हिंदुत्ववादी नैरेटिव प्रचारित किया जा रहा है तब 12 मई 1940 को बंगाल के झाड़ग्राम में दिया गया नेता जी सुभाषचंद्र बोस का भाषण हमें याद करना चाहिए। जिसमें उन्होंने कहा था कि “हिंदू महासभा ने त्रिशूलधारी संन्यासी और संन्यासिनों को वोट माँगने के लिए जुटा दिया है। त्रिशूल और भगवा लबादा देखते ही हिंदू सम्मान में सिर झुका देते हैं। धर्म का फ़ायदा उठाकर इसे अपवित्र करते हुए हिंदू महासभा ने राजनीति में प्रवेश किया है। सभी हिंदुओं का कर्तव्य है कि इसकी निंदा करें। ऐसे गद्दारों को राष्ट्रीय जीवन से निकाल फेंकें। उनकी बातों पर कान न दें”।

rkpnews@desk

Recent Posts

पीडीए के साथ भेदभाव कर रही भाजपा – रणवीर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) सपा कार्यकर्ताओ ने मंगलवार को दीवानी कचहरी रोड स्थित सपा के…

8 hours ago

राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने के लिए कैकेयी ने दिया था ममतत्व का बलिदान

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l क्षेत्र के अजयपुरा गांव में श्रीरुद्र शतचंडी महायज्ञ चल रहा है। इसमें…

9 hours ago

ओलंपियाड में माउंट वैली एकेडमी के बच्चों का दबदबा, टॉपर्स सम्मानित

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। हिंदुस्तान ओलंपियाड न केवल स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए एक…

9 hours ago

जनगणना-2027: फील्ड ट्रेनर्स के प्रशिक्षण का दूसरा दिन सम्पन्न

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनगणना-2027 से संबंधित फील्ड ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण…

9 hours ago

लोकसंग्रह पर आधारित पुस्तकों का गोरखपुर विश्वविद्यालय में विमोचन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने राजनीति…

10 hours ago

संस्कृत और पालि भाषा भारतीय ज्ञान परंपरा की आधारशिला

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर तथा संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग, गोरखपुर…

10 hours ago