चार लेबर कोड्स के विरोध में श्रम भवन रांची के सामने विशाल प्रदर्शन, फरवरी 2026 में देशव्यापी आम हड़ताल की चेतावनी

रांची (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (CITU) के आह्वान पर मंगलवार को श्रम भवन, रांची के समक्ष चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के विरोध में विशाल धरना–प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा 21 नवंबर 2025 को अधिसूचित चार लेबर कोड्स के खिलाफ चल रहे देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा रहा।

धरने को संबोधित करते हुए सीटू नेताओं ने कहा कि वर्ष 2019–20 में संसद में पारित चारों श्रम संहिताएं अलोकतांत्रिक तरीके से लाई गईं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, स्थायी रोजगार, निरीक्षण व्यवस्था और ट्रेड यूनियन अधिकारों से वंचित करना है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि तथाकथित ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के नाम पर श्रम बाजार को पूंजी के हित में एक सामाजिक और मानवीय उत्तरदायित्व विहीन संसाधन में बदला जा रहा है।

प्रदर्शन में बीएसएसआर यूनियन के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इसके अलावा हटिया मजदूर यूनियन, एनसीओईए, इंदल कगार यूनियन, आईआईसीएमयू, निर्माण कामगार यूनियन सहित कई श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें – श्रद्धा और भक्ति के साथ निकली श्रीराम–जानकी व महावीर पूजन की भव्य झांकियां, दरहटा लालपुर में दो दिवसीय महोत्सव सम्पन्न

वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार ‘श्रम’ समवर्ती विषय है, इसलिए झारखंड सरकार को श्रमिक हितों की रक्षा करते हुए लेबर कोड्स के नियमों को लागू करने पर रोक लगानी चाहिए।

इस दौरान सीटू राज्य कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष भवन सिंह, महासचिव विश्वजीत देब, वरिष्ठ नेता अनिरवन बोस तथा बीएसएसआरयू के प्रतिनिधियों ने श्रम आयुक्त के माध्यम से केंद्रीय और राज्य श्रम मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख मांगें चारों श्रम संहिताओं को पूरी तरह रद्द करने, उनके नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगाने और सेल्स प्रमोशन कर्मचारी अधिनियम के प्रावधानों की रक्षा कर वैधानिक कार्य नियम बनाने से संबंधित थीं।

इसके साथ ही राज्य सरकार के समक्ष 13 सूत्रीय मांगें रखी गईं, जिनमें स्थायी कार्यों के ठेकाकरण पर रोक, ठेका व अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन, न्यूनतम मजदूरी का सख्त अनुपालन, सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, गिग वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी दायरे में लाना, निर्माण व बीड़ी श्रमिक कल्याण बोर्ड के कोष का पारदर्शी उपयोग, प्रवासी व असंगठित श्रमिकों को राशन कार्ड व अन्य सुविधाएं तथा ट्रेड यूनियन पंजीकरण की प्रक्रिया में सुधार शामिल हैं।

ये भी पढ़ें – चेकिंग में पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर बाइक चोर गिरोह, तीन गिरफ्तार, चोरी की मोटरसाईकिलें और पुर्जों का जखीरा बरामद

सीटू ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो उससे संबद्ध यूनियनें अन्य श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर फरवरी 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर आम हड़ताल करेंगी।

प्रदर्शन को कॉमरेड प्रकाश विप्लव, वीरेंद्र कुमार, कीर्ति मुंडा, हरेंद्र यादव, पीआर गुप्ता, सुमित गुप्ता सहित कई राज्य स्तरीय नेताओं ने संबोधित किया।

Karan Pandey

Recent Posts

रोडवेज बस डिपो में दर्दनाक हादसा: ग्राम न्यायालय निचलौल के वरिष्ठ लिपिक की बस चपेट में आने से मौत

बस पकड़ने पहुंचे थे न्यायालय कर्मी, हादसे के बाद न्यायिक परिवार में शोक की लहर…

17 hours ago

विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)जनपद के पिपरा जटामपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में बाल-अनुकूल कानूनी सेवाओं के…

17 hours ago

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार

एसपी के निर्देशन में अपराधियों पर लगातार कसा जा रहा शिकंजा महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद…

17 hours ago

पुलिस की बड़ी सफलता:सर्विलांस सेल ने 101 खोए मोबाइल बरामद कर लौटाई लोगों की मुस्काननहीं

30 लाख रुपये के स्मार्टफोन मालिकों को किए सुपुर्द, तकनीक आधारित पुलिसिंग का दिखा असर…

17 hours ago

गोरखपुर विश्वविद्यालय में 1192 पेड़ों की कटाई पर सवाल

छात्रावास भोजन को लेकर भी उठा मुद्दा गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित…

17 hours ago

संविलियन विद्यालय में स्व-गणना को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

शाहजहांपुर(राष्ट्र की परम्परा)जैतीपुर गढ़िया रंगीन जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर 14 मई को…

17 hours ago