भारत में हिंदी राष्ट्रभाषा बनाओ

भारतीय सनातन संस्कृति
और परम्परा को नकारकर,
आतताइयों ने कब्जा किया,
भारत को ग़ुलाम बना लिया।

ग़ुलामी की जंजीरें काटकर,
महापुरुषों ने देश आज़ाद किया,
अंग्रेज़ी परम्परा को दुत्कार कर
भारत ने स्वराज स्थापित किया।

सैकड़ों सालों की परतंत्रता,
अंग्रेजियत अब भी क़ायम है,
अंग्रेज़ चले गए अंग्रेज़ी छोड़ गये,
हिंदी अब भी राष्ट्रभाषा नहीं है।

हिंदी हमारी सर्वमान्य, सबसे
अधिक बोली जाती भाषा है,
सारे मतभेद और मनभेदों को
भूल हिंदी राष्ट्रभाषा बनाना है।

आदित्य विदेशी भाषा भगाओ,
अपनी मातृभाषा को अपनाओ,
सबसे अधिक बोली जाने वाली,
भारत में हिंदी राष्ट्रभाषा बनाओ।

  • डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र
    ‘आदित्य’
rkpnews@desk

Recent Posts

सरकारी योजना का लाभ पाने का मौका, जरूरी दस्तावेजों के साथ 31 जुलाई को पहुंचें हाटा

कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा) जनपद के दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश शासन…

1 day ago

यात्रियों की सुरक्षा के लिए देवरिया स्टेशन पर चला विशेष चेकिंग अभियान

देवरिया रेलवे स्टेशन पर चला सघन सुरक्षा अभियान, डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते ने…

2 days ago

घर में घुसे जहरीले कोबरा ने ली मासूम की जान, 10 वर्षीय सपना की मौत से गांव में मातम

निचलौल रेफर के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, रेस्क्यू टीम…

2 days ago

बीबीएयू में राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला, जिम्मेदार पत्रकारिता और फैक्ट-चेकिंग पर दिया गया जोर

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शनिवार को जनसंचार एवं पत्रकारिता…

3 days ago

भूगोल की पढ़ाई के खुले नए रास्ते, अब किसी भी संकाय के छात्र ले सकेंगे प्रवेश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने भूगोल विषय की…

3 days ago

भाजपा नेताओं ने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का किया भव्य स्वागत

बभनान/बस्ती(राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा सूर्य प्रताप…

3 days ago