भारतीय सनातन संस्कृति
और परम्परा को नकारकर,
आतताइयों ने कब्जा किया,
भारत को ग़ुलाम बना लिया।
ग़ुलामी की जंजीरें काटकर,
महापुरुषों ने देश आज़ाद किया,
अंग्रेज़ी परम्परा को दुत्कार कर
भारत ने स्वराज स्थापित किया।
सैकड़ों सालों की परतंत्रता,
अंग्रेजियत अब भी क़ायम है,
अंग्रेज़ चले गए अंग्रेज़ी छोड़ गये,
हिंदी अब भी राष्ट्रभाषा नहीं है।
हिंदी हमारी सर्वमान्य, सबसे
अधिक बोली जाती भाषा है,
सारे मतभेद और मनभेदों को
भूल हिंदी राष्ट्रभाषा बनाना है।
आदित्य विदेशी भाषा भगाओ,
अपनी मातृभाषा को अपनाओ,
सबसे अधिक बोली जाने वाली,
भारत में हिंदी राष्ट्रभाषा बनाओ।
कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा) जनपद के दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश शासन…
देवरिया रेलवे स्टेशन पर चला सघन सुरक्षा अभियान, डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते ने…
निचलौल रेफर के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, रेस्क्यू टीम…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शनिवार को जनसंचार एवं पत्रकारिता…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने भूगोल विषय की…
बभनान/बस्ती(राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा सूर्य प्रताप…