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बिहार में बड़ा ब्यूरोक्रेटिक फेरबदल: ADM से लेकर संयुक्त सचिव तक बदलें पद

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से ठीक पहले बिहार सरकार ने प्रशासनिक हलचल तेज कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने रविवार को एक बड़ा निर्णय लेते हुए बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के 102 अधिकारियों का तबादला कर दिया।
निर्देश दिया गया है कि सभी अधिकारी अविलंब अपने नए पदस्थापना स्थल पर योगदान करें। यह तबादला सूची चुनावी सत्र से पहले प्रशासनिक तैयारी और जिला स्तर पर कार्यकुशलता बढ़ाने के दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।

इस सूची में कई अपर समाहर्ता (ADM), संयुक्त सचिव, और विशेष कार्य पदाधिकारी (OSD) स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
पटना के अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति) अमलेंदु कुमार सिंह को गृह विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है। वहीं रवींद्र कुमार दिवाकर, जो पटना में अपर समाहर्ता (विशेष कार्यक्रम) थे, को किशनगंज का उप विकास आयुक्त नियुक्त किया गया है।
अन्य प्रमुख तबादले:
मनोज कुमार को विशेष कार्य पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग
संजीव कुमार को विशेष सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
शैलेश कुमार दास को अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, नालंदा
राकेश रंजन को अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था), भागलपुर
राजेश रौशन को संयुक्त निदेशक, पर्यटन
सतीश रंजन सिन्हा को अपर सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग
मो. सफीक को अपर जिला दंडाधिकारी, विधि व्यवस्था, गया
सुधांशु शेखर को संयुक्त सचिव, योजना एवं विकास विभाग
राखी कुमारी केसरी को सचिव, बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग
वसीम अहमद को विशेष कार्य पदाधिकारी, पंचायती राज विभाग
सत्यप्रकाश को जिला भू अर्जन पदाधिकारी, पटना
विकास कुमार को अपर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग एवं बिहार युवा आयोग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार
इसके अतिरिक्त बांका के परिवहन पदाधिकारी प्रेमकांत सूर्य को पटना का अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था),
अरवल के वरीय उप समाहर्ता देवज्योति कुमार को नगर दंडाधिकारी, पटना,
बक्सर के वरीय उप समाहर्ता आदित्य कुमार को जिला पंचायती राज पदाधिकारी, गया बनाया गया है।
विशाल आनंद, जो पूर्व में बियाडा के उप महाप्रबंधक थे, अब बेल्ट्रान में महाप्रबंधक (परियोजना) होंगे,
जबकि सुनील कुमार को संयुक्त सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग का दायित्व दिया गया है।
राज्य सरकार की यह तबादला सूची चुनावी तैयारी, प्रशासनिक पारदर्शिता और ज़मीनी स्तर पर शासन की मजबूती के संकेत के रूप में देखी जा रही है।

इसे भी पढ़ें – “सीतामढ़ी में जलप्रलय: सोनबरसा- सुरसंड बने टापू, चार फीट पानी में डूबा हनुमान चौक”

rkpnews@desk

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